बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (फोटो - PTI)
बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता विरोधी अपराध के मामले में दोषी पाया गया है। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायधिकरण-बांग्लादेश (ICT-BD) ने शेख हसीना को दोषी मानते हुए फांसी की सजा का ऐलान किया। ICT-BD के जजों ने अपने फैसले में शेख हसीना के प्रधानमंत्री रहते हुए दिए गए ऑर्डर्स को भी कोट किया। जिसमें कहा गया कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ घातक हथियारों का इस्तेमाल किया और गोली चलाने के आदेश दिए। ICT-BD ने शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध का दोषी मानते हुए उन्हें यह सजा सुनाई। ICT-BD के अभियोजकों ने 78 साल की शेख हसीना के लिए मृत्युदंड की मांग की थी।
मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने के बाद बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना का पहला बयान सामने आया है। उनका कहना है कि मृत्यु की सजा की उनकी घृणित मांग यह दिखाती है कि अंतरिम सरकार से जुड़े कुछ कट्टरपंथी तत्व किस हद तक बेशर्मी और हिंसक इरादों के साथ काम कर रहे हैं। शेख हसीना ने कहा, उनका उद्देश्य बांग्लादेश की अंतिम निर्वाचित प्रधानमंत्री को सत्ता से हटाना और अवामी लीग को राजनीतिक रूप से खत्म करना है।
आज यानी सोमवार 17 नवंबर को आने वाले इस फैसले से पहले ही बांग्लादेश में छिटपुर आगजनी और कुछ इलाकों में कानून-व्यवस्था बिगड़ने के मामले सामने आए थे। ICT-BD के फैसले से पहले शेख हसीना की अब भंग हो चुकी अवामी लीग पार्टी ने दो दिन बंद की घोषणा की थी, जिसके बाद सैन्य अधिकारियों ने सख्त सैन्य, अर्धसैनिक और पुलिस सतर्कता के आदेश दिए थे।
कल यानी रविवार 16 नवंबर की रात अज्ञात लोगों ने एक पुलिस स्टेशन परिसर के वाहन डंपिंग कॉर्नर को आग के हवाले कर दिया। यही नहीं अंतरिम सरकार के प्रमुख प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस के सलाहकार परिषद के सदस्य के घर के बाहर दो देसी बम विस्फोट भी हुए। इसके अलावा राजधानी ढाका में कई चौराहों पर विस्फोट हुए। ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (DMP) ने तनाव बढ़ने हिंसक प्रदर्शनकारियों को देखते ही गोली मारने का आदेश दे दिया।