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2024 में पुतिन की हत्या, कैंसर का इलाज और यूरोप में... बाबा वेंगा की भविष्यवाणी से कांप जाएगी दुनिया

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Nov 6, 2023, 12:00 PM IST

Baba Venga Prediction For 2024: बाबा वेंगा ने अमेरिका में 9/11 आतंकी हमले की भविष्यवाणी की थी, जो सच हुई। इसके अलावा उन्होंने सोवियत संघ का विघटन, चेरनोबिल आपदा, प्रिंसेस डायना की मौत जैसी भी भविष्यवाणियां की थीं, जो सच होती चली गईं। उन्होंने साल 2024 को लेकर भी कई भविष्यवाणियां की हुई हैं।

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बाबा वेंगा

Photo : Twitter

Baba Venga Prediction For 2024: हमारी दुनिया में भविष्यवाणियों का अस्तित्व उतना ही है, जितना कि अंतरिक्ष में एलियन्स होने का। न तो हमने कभी एलियन को देखा और न ही भविष्यवाणियों के बारे में पुख्ता प्रमाणों मिले। हालांकि, हम फिर भी मानते हैं कि एलियन होते हैं और भविष्यवाणी भी सच होती हैं। यहां हम बात ऐसी शख्सियत की करेंगे, जिनकी कही बातें सच मानी जाती हैं। कहते हैं कि उन्होंने जो कुछ कहा सच साबित हुआ और आगे भी वह हकीकत में बदलेगा।

दरअसल, बाल्कन के नस्त्रेदमस कहलाने वालीं बाबा वेंगा के बारे में कहा जाता है कि उनकी 85 प्रतिशत भविष्यवाणियां सच साबित होती हैं। कहा जाता है कि बाबा वेंगा ने 9/11 और ब्रेक्जिट को लेकर भी सटीक भविष्यवाणियां की थीं, जो कि सच साबित हुईं। उन्होंने 2024 को लेकर भी कई भविष्यवाणियां की थीं। हालांकि, आने वाले साल के लिए उनकी कही बातें डराने वाली हैं।

पहले जानिए कौन हैं बाबा वेंगा?

बाबा वेंगा एक भविष्यवक्ता थीं, जिनका असली नाम बांगेलिया पांडेया गुशरोवा था। वह बुल्गारियां की फकीर थीं। जानकारी के मुताबिक, सान 1911 में बाबा वेंगा का जन्म हुआ था और 12 साल की उम्र में ही एक प्राकृतिक आपदा में उनकी आंखों की रोशनी चली गई। इसके बाद उन्होंने बंद आंखों से जो कुछ भी देखा सच होता गया। 1996 में 84 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था। बताते हैं कि बाबा वेंगा ने साल 5079 तक की भविष्वाणियां की थीं।

2024 के बारे में क्या भविष्णवाणियां की?

आने वाले साल के लिए बाबा वेंगा की सबसे खौफनाक भविष्यवाणी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हत्या की कोशिश है। बाबा वेंगा के अनुसार, उनके ही देश के किसी व्यक्ति के द्वारा पुतिन की हत्या की कोशिश की जाएगी। इसके अलावा बाबा वेंगा ने कहा था कि 2024 में एक बड़ा देश जैविक हथियारों का परीक्षण करेगा या फिर हमला कर देगा। उन्होंने आने वाले साल 2024 में यूरोप में बड़े आतंकवादी हमलों को लेकर भी भविष्यवाणी की है। इसके अलावा 2024 में वैश्विक आर्थिक संकट, जलवायु संकट और कैंसर व अल्जाइमर जैसी बीमारियों का इलाज मिल जाने को लेकर भी उन्होंने भविष्यवाणियां की हुई हैं।

अब तक क्या-क्या सच हुआ?

कहते हैं कि बाबा वेंगा ने अमेरिका में 9/11 आतंकी हमले की भविष्यवाणी की थी, जो सच हुई। इसके अलावा उन्होंने सोवियत संघ का विघटन, चेरनोबिल आपदा, प्रिंसेस डायना की मौत जैसी भी भविष्यवाणियां की थीं, जो सच होती चली गईं। कहते हैं कि बाबा वेंगा अपने सपने में जो कुछ भी देखते थे, वह सच हो जाता था।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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