तालिबान के पास 85 अरब डॉलर के हथियार, गुरिल्ला लड़ाकों की तरह नहीं अब पेशेवर सैनिकों की तरह अंदाज

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 31, 2021, 12:46 PM IST

Taliban military power : तालिबान आज पहले से ज्यादा शक्तिकाली हो गया है क्योंकि इसमें अफगानिस्तानी सेना के सैनिक शामिल हुए हैं जिन्हें अमेरिका और नाटो बलों ने प्रशिक्षित किया है।

तालिबान के पास 85 अरब डॉलर के हथियार, गुरिल्ला लड़ाकों की तरह नहीं अब पेशेवर सैनिकों की तरह अंदाज
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नई दिल्ली : अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी शुरू होने के बाद तालिबान के पास अमेरिकी हथियार देखे जाने की बात सामने आ चुकी है। रिपब्लिकन पार्टी ने राष्ट्रपति जो बाइडन से इस बारे में रिपोर्ट भी मांगी कि अमेरिकी हथियार तालिबान के पास आखिर कैसे पहुंच गए। अब रिपब्लिकन सांसद जिम बैंक्स ने कहा है कि तालिबान के पास अब पहले से कहीं ज्यादा ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर्स हैं। डेली मेल की एक रिपोर्ट में जिम के हवाले से कहा गया है कि तालिबान के पास दुनिया के 85 फीसदी देशों से ज्यादा ये घातक हेलिकॉप्टर हैं। 

रिपब्लिकन सांसद ने कहा-तालिबान के पास ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर्स
रिपोर्ट के मुताबिक अफगानिस्तान में हथियारों की आपूर्ति के प्रभारी के रूप में काम कर चुके बैंक ने कहा, 'बाइडन प्रशासन की लापरवाही चलते तालिबान के पास अब 85 अरब डॉलर मूल्य के हथियार मौजूद हैं।' रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पश्चिमी देशों के टैक्सपेयर्स के पैसे से ही तालिबान का कायापलट हो गया है। वह गुरिल्ला लड़ाकों की जगह एक पेशेवर सैन्य बल की तरह बर्ताव कर रहा है। 

पहले से ज्यादा शक्तिशाली हो गया है तालिबान
तालिबान आज पहले से ज्यादा शक्तिकाली हो गया है क्योंकि इसमें अफगानिस्तानी सेना के सैनिक शामिल हुए हैं जिन्हें अमेरिका और नाटो बलों ने प्रशिक्षित किया है। रिपोर्ट के मुताबिक जो हथियार तालिबान को सत्ता में आने से रोकने के लिए थे, विडंबना है कि वे हथियार आज उसके पास चले गए हैं। इनमें से एक संचार उपकरण मल्टी-बैंड इट्राटीम रेडियस (एमबीआईटीआर-2) है जिसे अफगान बलों को दिया गया था अब इसका इस्तेमाल तालिबान कर रहा है। 

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कैमोफ्लॉज यूनिफॉर्म पहने लगे हैं लड़ाके
हथियारों को लेकर तालिबान पहले से ज्यादा जागरूक दिखाई दे रहा है क्योंकि अब उसके हथियार ज्यादा साफ-सुथरे और उन्हें चलाने योग्य रखा जा रहा है। उनके यूनिफॉर्म ज्यादा स्वच्छ और सलीकेदार हैं। वे अपना हथियार भी प्रशिक्षित सैनिकों की तरह लेकर घूम रहे हैं। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि तालिबान के लड़ाके पहले सैंडल्स और सलवार कमीज पहने हुए नजर आते थे लेकिन अब वे सैनिकों वाले जूते और कैमोफ्लॉज यूनिफॉर्म पहने लगे हैं। 

एके-47 अब बीते समय की बात
तालिबान लड़ाकों के हाथों में एके-47 बीते समय की बात हो गई है। अब उनके पास अमेरिका निर्मित एम-4 कर्बाइन और टेलिस्कूपिंग स्टॉक है। 15 साल पहले तालिबान का कोई लड़का शायद ही हेलमेट पहनता था लेकिन आज उनके हेलमेट ज्यादा कीमती और ज्यादा आधुनिक हैं। वे ब्रिटिश सैनिकों के अंदाज में हेलमेट पहन रहे हैं। 

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