Sri Lanka Crisis के बीच राष्ट्रपति ने छोड़ा मुल्कः भागे मालदीव, मिलिट्री जेट से पत्नी और गार्ड्स को भी ले गए साथ

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 13, 2022, 07:11 AM IST

Sri Lanka Economic Crisis Latest News: देश में गहराए आर्थिक और सियासी संकट के बीच गोटबाया राजपक्षे के खिलाफ लोगों में काफी गुस्सा था। जनता ने हाल ही में राजधानी स्थित कोलंबो में राष्ट्रपति भवन के बाहर और अंदर बड़ा विरोध प्रदर्शन भी किया था।

Sri Lanka Crisis के बीच राष्ट्रपति ने छोड़ा मुल्कः भागे मालदीव, मिलिट्री जेट से पत्नी और गार्ड्स को भी ले गए साथ
Photo Credit: ANI

Sri Lanka Economic Crisis Latest News: श्रीलंका संकट को लेकर पनपे दबाव के बीच वहां के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे मुल्क छोड़ कर भाग गए। 73 साल के दिग्गज नेता अपने साथ पत्नी और दो सुरक्षा गार्ड्स को भी ले गए।

यह जानकारी बुधवार (13 जुलाई, 2022) को समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट में अफसरों के हवाले से दी गई। इस बीच, कुछ अफसरों ने एपीएफ न्यूज एजेंसी को बताया कि वह श्रीलंका छोड़ कर मालदीव पहुंचे हैं।

'बीबीसी' की रिपोर्ट के मुताबिक, वह तड़के तीन बजे (स्थानीय समय के हिसाब से) वहां की राजधानी माले गए। वहीं, एक सीनियर अफसर ने 'सीएनएन' को इस बारे में बताया कि राजपक्षे ने श्रीलंकाई वायु सेना के एएन32 ट्रूप ट्रांसपोर्ट प्लेन से माले के लिए उड़ान भरी थी।

रोचक बात है कि मंगलवार को खबरें आई थीं कि राष्ट्रपति ने तब तक इस्तीफे से इन्कार कर दिया, जब तक उन्हें और उनके परिवार को लंका से निकलने के लिए सुरक्षित रास्ता नहीं दिया जाता। 

प्रोटोकॉल के मुताबिक, उन्हें श्रीलंकाई चीफ जस्टिस को अपना इस्तीफा भेज देना चाहिए, जबकि इसकी कॉपी पीएम और संसद के स्पीकर के पास भी पहुंचानी चाहिए।

शनिवार (नौ जुलाई, 2022) को लंका में उनके आधिकारिक आवास के बाहर और अंदर जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ था, जिसके बाद से वह छिपते फिर रहे थे।   

राष्ट्रपति ने इससे पहले अपने पद से इस्तीफा देने को राजी हुए थे और उन्होंने वादा किया था कि वह 13 जुलाई को कुर्सी छोड़ देंगे। इस बीच, सूत्रों के हवाले से ब्रिटिश मीडिया ने बताया कि उनके भाई और पूर्व वित्त मंत्री बसिल राजपक्षे ने भी देश छोड़ दिया है। उनके अमेरिका भागने की अटकले हैं। हालांकि, इस बारे में फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। 

दरअसल, श्रीलंका की जनता दशकों में अपने सबसे खराब आर्थिक संकट के लिए राष्ट्रपति राजपक्षे के प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा रही है। महीनों से वे रोजमर्रा में बिजली संकट के साथ बुनियादी चीज सामान में किल्लत का सामना कर रहे हैं। इनमें- तेल, खाने-पीने का सामान और दवाएं आदि शामिल हैं। 

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