क्या है Neptune मिसाइल, जिसने रूसी युद्धपोत Moskva को किया तबाह ! अब पुतिन से ये खतरा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 15, 2022, 01:10 PM IST

Neptune Missile: यूक्रेन के दावे के अनुसार, उसने  रूस के युद्धपोत  Moskva को नेप्च्यून मिसाइल से मार गिराया है।  Moskva का डूबना रूस के लिए बड़ा झटका है क्योंकि यूक्रेन के खिलाफ समुद्र के रास्ते हमले का नेतृत्व यही युद्धपोत कर रहा था।

क्या है Neptune मिसाइल, जिसने रूसी युद्धपोत Moskva को किया तबाह ! अब पुतिन से ये खतरा

Russia-Ukraine War:पिछले 51 दिन से रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच नया मोड़ आ गया है। यूक्रेन के दावे के अनुसार, उसने  रूस के युद्धपोत  Moskva को नेप्च्यून मिसाइल से मार गिराया है। हालांकि यूक्रेन के इस दावे को रूस ने नकार दिया है। लेकिन उसने यह जरूर माना है कि युद्ध पोत में आग लगी और उसके बाद वह डूब गया।  यूक्रेन के खिलाफ समुद्र के रास्ते हमले का नेतृत्व यही युद्धपोत कर रहा था।

काला सागर में डूबा युद्धपोत

रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, काला सागर में  'Moskva' को नुकसान पहुंचने के बाद खींचकर बंदरगाह ले जाया जा रहा था, लेकिन समुद्री तूफान के चलते यह डूब गया। यूक्रेन के दावे के अनुसार उसने  दो 'नेप्च्यून' मिसाइलों से इस युद्धपोत पर हमला किया गया। और उसके बाद युद्धपोत क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि रूस ने ऐसे किसी हमले की जानकारी नहीं दी, उसने केवल इतना कहा है कि आग लगने के बाद ये जहाज डूब गया। लेकिन यह बात तो साफ है कि Moskva ही यूक्रेन के खिलाफ समुद्री अभियान का नेतृत्व कर रहा था। और आग लगने से डूब गया। Moskva का डूबना रूस के लिए बड़ा झटका है। और इसे तबाह करने में नेप्च्यून मिसाइल को वजह बताया जा रहा है।

क्या है नेप्च्यून मिसाइल 

मिलिट्री टुडे के अनुसार नेप्च्यून या RK-360MC एक एंटीशिप मिसाइल है। जिसे यूक्रेन ने विकसित किया है।  इसे लुच डिजाइन ब्यूरो द्वारा विकसित किया गया था। इसमें R-360 एंटी-शिप क्रूज मिसाइल का इस्तेमाल किया गया है। नेप्च्यून रूस की Kh-35U का संस्करण है। यूक्रेन ने साल 2014 में रूस के क्रीमिया पर कब्जे के बाद जल्दीबाजी में इसे विकसित किया था। यह मिसाइल रूस के Kh-35U से ज्यादा लंबी, ज्यादा मात्रा में ईंधन वाहक और कुछ अहम बदलाव के साथ विकसित की गई है।

280 किलोमीटर है मारक क्षमता

 मिसाइल की मारक क्षमता 280 किमी तक है। इसे नौसेना, जमीन और एयर प्लेटफार्म से ले जाया और लॉन्च किया जा सकता है। नेपच्यून भूमि-आधारित एंटी-शिप मिसाइल प्रणाली का विकास 2019 में पूरा हुआ। 2019 में इस मिसाइल ने पहली बार 250 किमी से अधिक की रेंज तक सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया। इसमें एक उच्च विस्फोटक विखंडन (HE-FRAG) वारहेड होता है, जिसका वजन लगभग 145 किलोग्राम होता है। यह मिसाइल 5,000 टन तक के जहाजों को विध्वंस करने में सक्षम है। यह मिसाइल सबसोनिक स्पीड से हमला करती है। ऐसे में एंटी-शिप मिसाइल को उन्नत रक्षा प्रणाली द्वाराआसानी से इंटरसेप्ट किया जा सकता है। 

रूस कर सकता है न्यूक्लियर हमला

इस युद्धपोत के नष्ट होने के बाद, पूरे यूक्रेन में एयर अलर्ट कर दिया गया है। क्योंकि ऐसी आशंका है कि पुतिन लंबे खिंचते युद्ध के बीच बड़ा हमला कर सकते हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सीआईए के निदेशक विलियम बर्न्स  ने आशंका जताई है कि पुतिन  यूक्रेन के खिलाफ हल्के परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने कहा है कि रूसी सेना को यूक्रेन में कई तरह से नुकसान हुआ है। इससे पुतिन और रूस के नेतृत्व में गहरी निराशा है। इन परिस्थितियों में रूस यूक्रेन पर टैक्टिकल या हल्के न्यूक्लियर हथियारों  का इस्तेमाल कर सकता है, जो कि अच्छा संकेत नहीं है।

क्या होते हैं टैक्टिकल परमाणु बम

Nuclear Threat Initiative (NTI)की रिपोर्ट के अनुसार टैक्टिकल परमाणु बम को  गैर-रणनीतिक परमाणु हथियार (TNWs)कहा जाता है। ये परमाणु हथियार आमतौर पर कम दूरी के हमलो में इस्तेमाल किए जाते हैं, जिसमें 500 किमी से कम की सीमा वाली जमीन से जमीन पर मार करने वाली  मिसाइलें और 600 किमी से कम की सीमा वाले हवा और समुद्र से लॉन्च किए जाने वाले हथियार शामिल होते हैं। और रूस-अमेरिका के पास कुल परमाणु हथियारों में से 30-40 फीसदी परमाणु हथियार इसी कैटेगरी के हैं।

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