हम बीमार और थके हुए हैं- जिहाद को लेकर इस्लामिक कट्टरपंथियों पर भड़कीं लेबनान की पूर्व मंत्री, बताया ईरानी कल्चर

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 17, 2022, 12:14 PM IST

लेबनान की पूर्व कैबिनेट सदस्य मे चिडिक ने कहा कि वो नहीं चाहती हैं कि लेबनान के बच्चे एक ऐसे माहौल में बड़े हों जो जिहाद को प्रोत्साहित करता हो।

हम बीमार और थके हुए हैं- जिहाद को लेकर इस्लामिक कट्टरपंथियों पर भड़कीं लेबनान की पूर्व मंत्री, बताया ईरानी कल्चर
Photo Credit: फेसबुक

लेबनान की मशहूर पत्रकार और पूर्व कैबिनेट मंत्री मे चिडिक ने लेबनानी इस्लामिक कट्टरपंथियों पर बड़ा हमला बोला है। चिडिक ने बच्चों को हिंसा के लिए प्रोत्साहित करने पर कट्टरपंथियों के साथ-साथ ईरान को भी घेरा है। सलमान रुश्दी पर हुए हमले के बाद से लेबनानी कंट्टपंथियों की चर्चा चारों ओर है, क्योंकि हमलावर हादी मतार मूल रूप से लेबनान का रहने वाला है और हाल ही में उसने अपने देश की यात्रा भी की थी।

मे चिडिक ने एक टीवी इंटरव्यू में जिहादियों को निशाने पर लेते हुए कहा कि वो नहीं चाहती हैं कि लेबनानी बच्चे ऐसे माहौल में पले-बढ़ें, जो हिंसा को बढ़ावा देता हो, बदले लेने की बात कहता हो। यह बीमार मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा- "मैं बच्चों को रोते हुए नहीं देख सकती। वे केवल एक ही चीज की परवाह करते हैं...क्या आपने उन्हें टीवी पर देखा? वे शहीद होना चाहते हैं! वे मरना चाहते हैं! वे मारे जाना चाहते हैं! यह ईरान का कल्चर हो सकता है, लेबनान का नहीं।"

उन्होंने आगे कहा कि वो इस कल्चर को पसंद नहीं कर सकती हैं। मे ने कहा- "वो नहीं चाहती कि उनके बच्चे, भतीजे उस टीवी को देखते हुए बड़े हों जिसपर हिंसा के लिए लोगों को भड़काया जाता है। जहां बताया जाता हो कि सभी उनके दुश्मन हैं और उसे बदला लेना हैं। उन्होंने कहा- हम इससे बीमार हैं और थक चुके हैं।"

इसी टीवी इंटरव्यू में अपने ऊपर हुए आतंकी हमले को याद करते हुए मे चिडिक ने कहा कि वो कट्टरपंथियों को जवाब उन्हें मारकर नहीं बल्कि शांति से देना चाहेंगी। बता दें कि 25 सितंबर 2005 को लेबनान में एक कार बम विस्फोट में चिडिक गंभीर रूप से घायल हो गईं थीं। इस विस्फोट में उनका पैर उड़ गया था। उनकी जान बहुत ही मुश्किल से बचाई जा सकी थी। कहा गया कि सीरिया के खिलाफ बोलने के कारण उनपर हमला हुआ था।

चिडिक राजनीति में आने से पहले लेबनान की एक तेज तर्रार पत्रकार रही हैं। सीरिया के खिलाफ मुखर रहने वाली यह लेबनानी पत्रकार काफी समय से कट्टरपंथियों के निशाने पर रही हैं। मे चिडिक का मानना है कि लेबनान में सीरिया का दखल है, जोकि नहीं होना चाहिए।

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