पुतिन को सता रहा अपनी 'हत्या' का डर! खाने में कोई दे ना दे जहर, खौफ में 1000 पर्सनल स्टाफ को नौकरी से हटाया

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 19, 2022, 09:12 PM IST

Vladimir Putin Removed 1000 personal staff: रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन को खाने में जहर देकर हत्या का शक है, रूसी मीडिया के मुताबिक बताया जा रहा है कि ऐसे खुफिया इनपुट के बाद से पुतिन खासे भयभीत हैं।

पुतिन को सता रहा अपनी 'हत्या' का डर! खाने में कोई दे ना दे जहर, खौफ में 1000 पर्सनल स्टाफ को नौकरी से हटाया

Vladimir Putin Fear of murder:रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक एक खबर रूस के राष्ट्पति ब्लादीमीर (Vladimir Putin) से जुड़ी हुई सामने आ रही है बताया जा रहा है कि पुतिन को अपनी जान का खतरा है, कहा जा रहा है कि कोई उन्हें खाने में जहर (Poison in Food) ना दे दे इसका खतरा उन्हें सता रहा है, इससे निपटने की कवायद भी उन्होंने शुरू कर दी है।

कहा जा रहा है कि व्लादिमीर पुतिन ने अपने पर्सनल स्टाफ के 1000 लोगों को नौकरी से निकाल दिया है उनकी जगह पर नए लोगों को भर्ती किया गया है पुतिन को खाने में जहर देकर हत्या का शक है हाल ही में खुफिया इनपुट के बाद से पुतिन चिंतित हैं।

गौर हो कि रूस में हत्या का सबसे आम तरीका जहर देकर मारना है हालांकि पुतिन इसे लेकर खासे सचेत हैं और उनके भोजन करने से पहले उसकी जांच की जाती है।

हालांकि फिर भी पुतिन ने अपने पर्सनल स्टाफ के तमाम सदस्यों को नौकरी से हटा दिया है, हटाने वालों में सुरक्षा गार्ड्स, कुक और पर्सनल सेक्रेटरी आदि शामिल बताए जा रहे हैं।

रूस के राष्ट्रपति ने खचाखच भरे मास्को स्टेडियम को संबोधित किया

रूस के राष्ट्रपति ने शुक्रवार को खचाखच भरे मास्को स्टेडियम को संबोधित किया और कहा कि क्रेमलिन के सैनिकों ने 'कंधे से कंधा मिलाकर' लड़ाई लड़ी और एक-दूसरे का समर्थन किया। उन्होंने उत्साही भीड़ से कहा, 'इस तरह की एकता लंबे समय से नहीं दिखी थी।' आक्रमण के कारण रूस के भीतर युद्ध-विरोधी विरोध प्रदर्शन हुए और रैली को लेकर संदेह था कि कहीं यह क्रेमलिन-निर्मित देशभक्ति का प्रदर्शन तो नहीं था। कार्यक्रम उस वक्त हुआ जब रूस को युद्ध के मैदान में अपेक्षा से अधिक नुकसान झेलना पड़ा।

वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि रूसी सेनाएं बड़े शहरों को घेर रही हैं और इस तरह की दयनीय स्थिति पैदा करना चाहती हैं कि यूक्रेन के नागरिकों को उनका सहयोग करना पड़े।

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