Israel-Palestine Ceasefire: फलस्तीनी संगठन और इजराइल के बीच संघर्षविराम लागू, 15 बच्चों समेत 44 की हुई मौत

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 8, 2022, 08:35 PM IST

Israel-Palestine Ceasefire: इजराइल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर कहा कि इन हमलों से इस्लामिक जिहाद की क्षमताएं ‘‘दशकों’’ पीछे चली गई हैं। इस्लामिक जिहाद के पास हमास के मुकाबले कम लड़ाके और समर्थक हैं तथा उसके शस्त्रागार के बारे में भी कम जानकारी है।

Israel-Palestine Ceasefire: फलस्तीनी संगठन और इजराइल के बीच संघर्षविराम लागू, 15 बच्चों समेत 44 की हुई मौत

Israel-Palestine Ceasefire: इजराइल और फलस्तीनी संगठन इस्लामिक जिहाद के बीच तीन दिन से जारी हिंसा को खत्म करने के मकसद से रविवार देर रात संघर्षविराम लागू हुआ। इस हिंसा में फलस्तीन के कई नागरिक मारे गए और हजारों इजराइलियों का जनजीवन प्रभावित हुआ है।
इजराइल और हमास के बीच पिछले साल 11 दिन तक चली लड़ाई के बाद इजराइल और गाजा आधारित फलस्तीनी संगठन के बीच यह सबसे भीषण संघर्ष था।

फलस्तीनी संगठन और इजराइल के बीच संघर्षविराम लागू

मिस्र की मध्यस्थता के बाद रात करीब साढ़े 11 बजे संघर्षविराम लागू हुआ। संघर्षविराम शुरू होने से कुछ मिनट पहले तक इजराइल ने हवाई हमले किए। फलस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि तीन दिन तक चली इस लड़ाई में 15 बच्चों और चार महिलाओं समेत 44 फलस्तीनी मारे गए। वहीं इस्लामिक जिहाद समूह ने कहा कि मारे गए लोगों में से 12 उसके सदस्य थे। हालांकि इजराइल का दावा है कि कुछ लोगों की मौत फलस्तीनी संगठन के रॉकेट का निशाना चूकने के कारण हुई।

इजराइल ने सोमवार को कहा कि वह मानवीय सहायता के लिए गाजा में सीमा चौकियों को आंशिक रूप से फिर से खोल रहा है और अगर शांति बरकरार रहती है तो वह इन्हें पूरी तरह खोल देगा। ईंधन से भरे ट्रकों को पिछले सप्ताह के बाद से पहली बार सीमा चौकियों को पार करते देखा गया। ये सीमा चौकियां पिछले सप्ताह बंद कर दी गई थीं, जिससे गाजा के इकलौते बिजली संयंत्र में शनिवार को ईंधन की कमी हो गई थी। 

इस संयंत्र का संचालन सोमवार को फिर से शुरू होने की संभावना है। इजराइली सेना ने कहा कि हिंसा के दौरान हजारों इजराइलियों का जनजीवन प्रभावित हुआ। इसने कहा कि दक्षिणी इजराइल के निवासियों पर हाल के दिनों में लगाई गईं सुरक्षा पाबंदियां धीरे-धीरे हटाई जा रही हैं। संघर्षविराम समझौते में वादा किया गया है कि मिस्र इजराइल द्वारा हिरासत में लिए गए इस्लामिक जिहाद के दो वरिष्ठ सदस्यों की रिहाई के लिए काम करेगा लेकिन कोई गारंटी नहीं है कि ऐसा होगा।

'हमलों से ‘‘दशकों’’ पीछे चली गईं इस्लामिक जिहाद की क्षमताएं'

इजराइल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर कहा कि इन हमलों से इस्लामिक जिहाद की क्षमताएं ‘‘दशकों’’ पीछे चली गई हैं। इस्लामिक जिहाद के पास हमास के मुकाबले कम लड़ाके और समर्थक हैं तथा उसके शस्त्रागार के बारे में भी कम जानकारी है। दोनों समूहों ने इजराइल के विनाश का संकल्प लिया है लेकिन उनकी अलग-अलग प्राथमिकताएं हैं। हमास की मांग केवल शासन तक सीमित है।

इजराइल ने कहा कि अगर संघर्षविराम का उल्लंघन होता है, तो वह इस पर ‘‘कड़ी प्रतिक्रिया’’ देगा। गाजा पर शासन करने वाला हमास इस संघर्ष में शामिल नहीं हुआ। इजराइल ने शुक्रवार को इस्लामिक जिहाद के एक नेता को मार गिराया था तथा शनिवार को दूसरे प्रमुख नेता को निशाना बनाया। इस्लामिक जिहाद का दूसरा कमांडर खालिद मंसूर शनिवार देर रात दक्षिण गाजा में रफाह शरणार्थी शिविर में हवाई हमले में मारा गया।

गाजा पट्टी में रविवार को उसका अंतिम संस्कार शुरू होने पर इजराइली मंत्रालय ने कहा कि वह ‘‘इस्लामिक जिहाद की संदिग्ध रॉकेट प्रक्षेपण चौकियों’’ पर हमला कर रहा है। इजराइली सेना ने कहा कि शनिवार देर रात फलस्तीनी उग्रवादियों द्वारा दागा गया रॉकेट उत्तरी गाजा के जबालिया शहर में ही गिर गया, जिससे बच्चों समेत कई लोगों की मौत हो गई। रविवार को जबालिया के इसी इलाके में एक घर पर प्रक्षेपास्त्र गिरा था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई।

इजराइल के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि गाजा से दागे गए मोर्टार इजराइल में एरेज सीमा चौकी पर गिरे, जिसका इस्तेमाल हजारों गाजा निवासी रोज करते हैं। इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने इजराइल और गाजा आधारित फलस्तीनी संगठन के बीच संघर्षविराम का स्वागत किया। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘बीते 72 घंटों में अमेरिका ने इजराइल, फलस्तीन प्राधिकरण, मिस्र, कतर, जॉर्डन और अन्य देशों के अधिकारियों के साथ काम किया ताकि इस संघर्ष का त्वरित समाधान निकाला जा सके।’’ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का इस हिंसा पर आज यानी सोमवार को एक आपात बैठक करने का कार्यक्रम है।

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