दुनिया

अमेरिका ने हमें टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल किया, नेशनल असेंबली में ये क्या बोल गए मंत्री

पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने कल यानी मंगलवार 10 फरवरी को पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में अपने बयान से पाकिस्तान को एक बार फिर से शर्मसार कर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पाकिस्तान का इस्तेमाल टॉयलेट पेपर की तरह किया।

Khwaja asif

पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ

अमेरिका ने हमारा इस्तेमाल किया, पोछा और फेंक दिया। जी हां, आप सही समझ रहे हैं। अमेरिका ने पाकिस्तान का इस्तेमाल टॉयलेट पेपर की तरह किया, पोंछा और फेंक दिया। ये हम नहीं कह रहे, बल्कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नेशनल असेंबली में बयान दिया है। उनका कहना है कि अमेरिका ने हमारा इस्तेमाल टॉयलेट पेपर की तरह किया। ख्वाजा आसिफ ने नेशनल असेंबली में दिए गए अपने भाषम में देश की पिछली सैन्य और राजनीतिक नीतियों पर तीखा हमला बोला।

इस दौरान मंत्री ने खास तौर पर अमेरिका को निशाने पर लेते हुए स्वीकार किया कि पाकिस्तान ने कई बार ऐसे युद्धों में हिस्सा लिया, जो उसके अपने हित में नहीं थे। उन्होंने कहा कि हमें बाहरी शक्तियों के दबाव में वो युद्ध लड़ने पड़े। उन्होंने कहा कि इन फैसलों की भारी कीमत देश आज तक चुका रहा है।

रक्षा मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि अफगान युद्धों में पाकिस्तान ने इस्लाम की रक्षा के लिए हिस्सा नहीं लिया था, जैसा कि उस समय सार्वजनिक तौर पर प्रचारित किया गया। उन्होंने माना कि ‘जिहाद’ के नाम पर पाकिस्तानियों को लड़ने और मरने के लिए भेजा गया, जो एक गंभीर और गलत निर्णय था। आसिफ ने यह भी स्वीकार किया कि इन युद्धों के समर्थन में देश के शिक्षा पाठ्यक्रम तक में बदलाव किए गए, जिनका प्रभाव आज भी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है।

ख्वाजा आसिफ ने 1980 के दशक में सोवियत संघ के खिलाफ अफगानिस्तान में लड़े गए युद्ध को भी अमेरिकी रणनीति का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि रूस ने अफगानिस्तान पर इस तरह कब्जा नहीं किया था कि उसे जिहाद कहा जा सके, फिर भी पाकिस्तान उस संघर्ष में शामिल हो गया। उन्होंने कहा कि उस दौर की गलतियों के परिणाम आज भी देश को भुगतने पड़ रहे हैं।

ख्वाजा आसिफ ने 1999 के बाद अमेरिका के साथ दोबारा गठजोड़ की भी कठोर शब्दों में आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका का समर्थन पाने के लिए पाकिस्तान ने फिर से खुद को एक ऐसे युद्ध में झोंक दिया, जो उसका अपना नहीं था। पूर्व सैन्य शासकों जनरल जिया-उल-हक और परवेज मुशर्रफ पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी नीतियों ने पाकिस्तान को दूसरों की लड़ाई का मोहरा बनाकर रख दिया।

साल 2001 के बाद के दौर का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान ने तालिबान के खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व वाले ‘वार ऑन टेरर’ का समर्थन किया, लेकिन जब अमेरिका पीछे हट गया, तब उसके दुष्परिणाम पाकिस्तान को झेलने पड़े। उन्होंने कहा, 'इस नुकसान की भरपाई कभी नहीं हो सकती।'

Digpal Singh
Digpal Singh author

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी... और देखें

End of Article