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आखिर जेलेंस्की से क्या चाहते हैं ट्रंप...क्यों ईरान के ड्रोन खतरे के बीच बढ़ी अमेरिका की यूक्रेन में दिलचस्पी?

Iran Drone Threat US Troops: पश्चिम एशिया में ईरानी ड्रोनों के खतरे से निपटने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप यूक्रेन के ड्रोन उद्योग में रुचि दिखा रहे हैं। जानिए कैसे यूक्रेन की सस्ती व सटीक एंटी-ड्रोन तकनीक अमेरिका के काम आएगी।

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आखिर जेलेंस्की से क्या चाहते हैं ट्रंप...क्यों ईरान के ड्रोन खतरे के बीच बढ़ी अमेरिका की यूक्रेन में दिलचस्पी?

Donald Trump Ukraine Drone Industry: पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों, जहाजों और सहयोगियों पर मंडराते ईरान निर्मित ड्रोनों के खतरे के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के एडवांस ड्रोन उद्योग और तकनीक में खासी रुचि दिखाई है। वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ईरान के ड्रोनों से निपटने के लिए यूक्रेन के दो वर्षों के युद्ध क्षेत्र के व्यावहारिक अनुभवों और उसकी किफायती एंटी-ड्रोन तकनीकों को अपनाने की नई रणनीति पर काम कर रहा है। यह नया घटनाक्रम यूक्रेन के प्रति राष्ट्रपति ट्रंप के रुख में आए एक बड़े बदलाव का संकेत देता है।

ईरानी 'शाहेद' ड्रोनों से निपटने में यूक्रेन का बड़ा अनुभव

यूक्रेन पिछले दो वर्षों से भी अधिक समय से अपने शहरों पर रूस द्वारा दागे जाने वाले ईरान निर्मित 'शाहेद' (Shahed) ड्रोनों का सफलता पूर्वक सामना कर रहा है। यूक्रेन ने ईरानी ड्रोनों को हवा में ही इंटरसेप्ट करने, उनके जीपीएस सिग्नल को जाम करने और उन्हें कम लागत में तबाह करने की महारत हासिल कर ली है। वहीं, अमेरिकी सेना के पारंपरिक वायु रक्षा मिसाइल सिस्टम काफी महंगे हैं, जबकि यूक्रेन ने बहुत ही कम खर्च में बेहद प्रभावी एंटी-ड्रोन सिस्टम विकसित किए हैं। ऐसे में अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञ और पेंटागन के योजनाकार अब यूक्रेन के इन मॉडलों का अध्ययन कर रहे हैं ताकि अमेरिकी सेना को पश्चिम एशिया में ईरानी ड्रोनों से सुरक्षित रखा जा सके।

अमेरिका में फैक्ट्री और सीधा निर्यात का प्रस्ताव

युद्ध की शुरुआत के बाद से यूक्रेन ने अपने घरेलू ड्रोन निर्माण उद्योग का अभूतपूर्व विस्तार किया है और वह हर साल 60 से 70 लाख ड्रोन बनाने की क्षमता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के अनुसार, दोनों देश अमेरिकी धरती पर यूक्रेनी तकनीक का उपयोग करके आधुनिक ड्रोनों के निर्माण के लिए एक संयुक्त फैक्ट्री स्थापित करने की योजना पर चर्चा कर रहे हैं।

यूक्रेन के साथ फैक्ट्री लगाएंगे ट्रंप

यूक्रेन के साथ फैक्ट्री लगाएंगे ट्रंप

पेंटागन अपने 'ड्रोन डोमिनेंस' कार्यक्रम के तहत यूक्रेनी रक्षा कंपनियों को सीधे अमेरिका में अपने सैन्य उपकरण और ड्रोन निर्यात करने की कानूनी अनुमति देने पर विचार कर रहा है। वाशिंगटन दौरे पर पहुंचे राष्ट्रपति जेलेंस्की और ट्रंप के बीच बैठकों में इस तकनीक के आदान-प्रदान को मुख्य एजेंडा बनाया गया है।

सहायता प्राप्त करने वाले देश से 'रणनीतिक साझेदार' बनने की ओर

हालांकि ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में यूक्रेन को दिए जाने वाले 400 मिलियन डॉलर के सैन्य सहायता पैकेज में कुछ देरी की है, जिसे लेकर अमरीकी सांसदों ने चिंता जताई है। अमेरिकी और यूरोपीय अधिकारियों का मानना है कि ट्रंप अब यूक्रेन को केवल मदद मांगने वाले देश के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे मूल्यवान तकनीकी साझेदार के रूप में देख रहे हैं जिसकी तकनीक अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत कर सकती है। बता दें कि यूक्रेन की लंबे समय तक रूस के अंदर जाकर सटीक ड्रोन हमले करने की क्षमता ने ट्रंप प्रशासन को काफी प्रभावित किया है। ईरानी ड्रोन तकनीक के विश्व स्तर पर बढ़ते प्रसार को देखते हुए यूक्रेन के साथ यह रक्षा साझेदारी अमेरिका के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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