दुनिया

'ईरानी जहाज को डॉक करने की इजाजत देना सही काम था..', बोले भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर

एस जयशंकर ने सोमवार को संसद को बताया कि तीन जहाज़ों में से एक 4 मार्च को भारत के दक्षिणी पोर्ट कोच्चि पर डॉक हुआ था और उसका क्रू भारतीय नेवल सुविधाओं में था।

Image

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को कहा कि ईरान ने अपने तीन जहाजों को अपने पोर्ट पर डॉक करने की इजाज़त भारत से मांगी थी, जो 1 मार्च को मिल गई थी, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का मानना है कि यह 'सही काम' था। विदेश मंत्री ने कहा कि ईरानी जहाज़ को डॉक करने की इजाज़त देना सही काम था।

एस जयशंकर ने सोमवार को संसद को बताया कि तीन जहाज़ों में से एक 4 मार्च को भारत के दक्षिणी पोर्ट कोच्चि पर डॉक हुआ था और उसका क्रू भारतीय नेवल सुविधाओं में था।

पश्चिम एशिया संघर्ष में बदलते हालात पर राज्यसभा में अपना बयान देते हुए, EAM जयशंकर ने कहा कि मौजूदा हालात में ईरान के साथ हाई-लेवल कम्युनिकेशन बनाए रखना मुश्किल रहा है, हालांकि मौजूद चैनलों के ज़रिए डिप्लोमैटिक बातचीत जारी है। उन्होंने कोच्चि में अभी डॉक किए गए ईरानी नेवी के जहाज़ का भी ज़िक्र किया और बताया कि भारत ने किन हालात में जहाज़ को भारतीय पोर्ट में आने की इजाज़त दी थी।

ईरान के तीन जहाज-आइरिस डेना, आइरिस बुशहर और आइरिस लावन-सभी ने 15 से 25 फरवरी के बीच विशाखापत्तनम के तटीय शहर में भारत द्वारा आयोजित एक मिलिट्री एक्सरसाइज में हिस्सा लिया था। वे 25 फरवरी को भारतीय जलक्षेत्र से निकले थे।

टॉरपीडो की चपेट में आने के बाद आइरिस डेना डूब गया

4 मार्च को, US सबमरीन से दागे गए टॉरपीडो की चपेट में आने के बाद आइरिस डेना डूब गया, जिसमें उसके कम से कम 87 क्रू मेंबर मारे गए। इंडियन नेवी के मुताबिक, जिस दिन आइरिस डेना पर हमला हुआ, उस दिन वह श्रीलंका के तय सर्च-एंड-रेस्क्यू ज़ोन के अंदर आने वाले पानी में गाले से लगभग 20 नॉटिकल मील-लगभग 23 मील-पश्चिम में काम कर रहा था।

'ईरान के तटों से 2,000 मील दूर समुद्र में ज़ुल्म किया है'

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पिछले हफ़्ते कहा था कि US ने 'ईरान के तटों से 2,000 मील दूर समुद्र में ज़ुल्म किया है' और युद्धपोत पर 'बिना किसी चेतावनी के इंटरनेशनल पानी में हमला किया गया।'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article