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Earthquake in Japan: जापान में तेज झटकों से सहमे लोग; रिक्टर स्केल पर मापी गई 7.6 तीव्रता, सुनामी का अलर्ट

जापान के उत्तरी तट के पास 7.6 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके बाद सुनामी चेतावनी जारी की गई। वहीं, तटीय इलाकों के लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

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जापान में 7.2 तीव्रता का भूकंप (Representational image)

Photo : iStock

जापान के उत्तरी तट के पास सोमवार को एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.6 मापी गई। जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया कि इसका केंद्र आओमोरी और होक्काइडो के तटीय क्षेत्र के पास था।

USGS ने भी दी जानकारी

यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, भूकंप स्थानीय समय के अनुसार रात 11:15 बजे आया। इसका केंद्र जापान के उत्तरी तट से लगभग 44 मील दूर समुद्र में था और इसकी गहराई करीब 33 मील बताई गई है। समुद्र के भीतर इतनी गहराई पर आए भूकंप के कारण सुनामी की आशंका बढ़ गई है।

सुनामी चेतावनी भी जारी

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने तुरंत सुनामी चेतावनी जारी कर दी। एजेंसी के अनुसार, इवाते, आओमोरी और होक्काइडो के कई हिस्सों में समुद्री लहरें 3 मीटर (लगभग 10 फीट) तक उठ सकती हैं। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को तेजी से सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। आओमोरी में पहले ही लगभग 40 सेंटीमीटर (16 इंच) की सुनामी दर्ज हो चुकी है।

इवाते में 50 सेंटीमीटर तक ऊंची लहरे देखी गईं

जापान की क्योदो न्यूज के मुताबिक, भूकंप के बाद आओमोरी और होक्काइडो के कुछ तटीय हिस्सों में 40 सेंटीमीटर, जबकि इवाते में 50 सेंटीमीटर तक की सुनामी लहरें रिकॉर्ड की गई हैं।

इशिकावा और आसपास के इलाके सबसे ज्यादा खतरे में

अधिकारियों का कहना है कि भूकंप का सबसे अधिक असर इशिकावा प्रांत, होक्काइडो और आओमोरी के तटीय इलाकों में देखने को मिल सकता है। कई जगहों पर छोटी-छोटी लहरें दर्ज भी की गईं, जिसके बाद अलर्ट और तेज कर दिया गया है।

रेल सेवाएं रोकी गईं, प्रशासन हाई अलर्ट पर

भूकंप के बाद उत्तर जापान के कई हिस्सों में ट्रेन सेवाएं रोक दी गई हैं। स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन टीमें राहत और निकासी अभियान में जुट गई हैं। सरकार ने केंद्रीय स्तर पर एक आपातकालीन टास्क फोर्स सक्रिय कर स्थिति की निगरानी शुरू कर दी है।

समुद्र से दूर रहने के निर्देश

अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि तटीय इलाकों में दोबारा झटके आ सकते हैं और समुद्र किसी भी समय उफान पर जा सकता है, इसलिए लोग सतर्क रहें और तटीय क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।

इस वजह से आते हैं जापान में ज्यादा भूकंप

बता दें कि जापान विश्व के उन देशों में शामिल है, जो भूकंपीय दृष्टि से अत्यधिक सक्रिय क्षेत्र में आते हैं। जापान पैसिफिक रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में स्थित है। यहां अक्सर कई टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं। इन प्लेटों की गति के कारण जापान में सालाना हजारों छोटे-बड़े भूकंप आते रहते हैं।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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