सोशल मीडिया पर कई बार ऐसी घटनाओं के वीडियो सामने आते हैं। जिन्हें देख लोगों के हैरानी की कोई सीमा नहीं होती। हाल में एक ऐसा ही वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें देखा जा सकता है कि एक प्लेन में बैठे दो इंजीनियरों ने प्लेन के एंटरटेनमेंट सिस्टम को हैक करके उस पर गेम खेलना शुरू कर दिया। जब एयरलाइन को अपने इस लूपहोल के बारे में पता चला तो उन्होंने उन इंजीनियरों को लाइफटाइम फ्री फ्लाइट्स की सुविधा दे डाली।
इंजीनियरों ने किया फ्लाइट के एंटरटेनमेंट सिस्टम को हैक
इस वायरल वीडियो को सोशल साइट एक्स पर @TansuYegen नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। जिसे अब तक 57 लाख लोगों ने देखा और 11 हजार लोगों ने लाइक किया है। वीडियो के कैप्शन में बताया गया है कि एक प्लेन में दो स्मार्ट इंजीनियर सफर कर रहे थे। तभी इन दोनों इंजीनियरों को लगा कि फ्लाइट के अंदर लगा हुआ एंटरटेनमेंट सिस्टम का सर्वर थोड़ा कमजोर है। ऐसे में उन्होंने उस एंटरटेनमेंट सिस्टम के सर्वर को हैक कर लिया और प्लेन में मौजूद सारे स्क्रिन्स पर वीडियो गेम चला दिया और मजे में खेलने लगे। उन्होंने यह काम सिस्टम की कमजोरी को दिखाने के लिए किया। मजे-मजे में उन दोनों लोगों ने एयरलाइन कंपनी को सिस्टम की खामी दिखा दी।
एयरलाइन ने इंजीनियर्स को दिया लाइफटाइम फ्री फ्लाइट्स का ऑफर
जब एयरलाइन को अपनी फ्लाइट में हुई इस घटना के बारे में पता चला तो उन्होंने उन इंजीनियरों पर कोई कार्रवाई करने की बजाय उनकी तारीफ की। एयलाइन ने इस बात को माना कि इन इंजीनियरों ने कंपनी की एक बड़ी सुरक्षा की कमजोरी को हाईलाइट किया। ऐसे में एयरलाइन ने उन दोनों इंजीनियरों को धन्यवाद कहते हुए उन्हें लाइफटाइम फ्री फ्लाइट्स का ऑफर दे डाला, यानी अब ये लोग जिंदगी भर इस एयरलाइन से कहीं भी फ्री में फ्लाइट से ट्रैवल कर सकते हैं।
वीडियो में दिखा इंजीनियरों के खुराफाती दिमाग का खेल
वायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि दोनों इंजीनियर्स अपनी सीट पर बैठे अपने लैपटॉप की स्क्रीन पर सिस्टम के सर्वर में कोडिंग के जरिए कुछ छेड़छाड़ कर रहे हैं। उनके ऐसा करते ही फ्लाइट के सारे स्क्रीन्स पर वीडियो गेम चलने लगता है। इंजीनियरों का यह अद्भुत कारनामा देख फ्लाइट में मौजूद सारे यात्री दंग रह जाते हैं। वे मुंह फाड़कर अपने सामने लगे स्क्रीन को देखते रहते हैं।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
