Viral Video: सोशल मीडिया पर इन दिनों रशियन शराब बनाने वाली कंपनी के खिलाफ यूजर्स जमकर भड़ास निकाल रहे हैं। कंपनी ने अपने बीयर के कैन पर महात्मा गांधी की तस्वीर का इस्तेमाल किया था। ओडिशा की पूर्व मुख्यमंत्री नंदिनी सत्पथी के पोते सुपर्णो सत्पथी (जो खुद एक राजनेता हैं) ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कीं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रूसी सरकार के साथ इस मामले को उठाने का आग्रह किया। इस अपील के बाद से ही मामले ने तूल पकड़ लिया।
सुपर्णो सत्पथी ने एक्स पर पोस्ट किया, 'प्रधानमंत्री @narendramodi जी से मेरा विनम्र अनुरोध है कि वे इस मामले को अपने मित्र @KremlinRussia_E के समक्ष उठाएं। यह पाया गया है कि रूस का रिवॉर्ट गांधीजी के नाम पर बीयर बेच रहा है।' इस पोस्ट के साथ उन्होंने इसकी तस्वीरें भी शेयर कीं। कुछ ही समय में यह पोस्ट वायरल हो गई और दो दिनों में इसे 141.2K बार देखा गया। यूजर्स ने गांधीजी की विरासत का मजाक उड़ाने पर अपनी नाराजगी व्यक्त की।
एक यूजर ने कहा कि, 'चौंकाने वाला और अस्वीकार्य। रूस की एक शराब बनाने वाली कंपनी रेवॉर्ट महात्मा गांधी की विरासत का मज़ाक उड़ाते हुए महात्मा जी नाम से बीयर बेच रही है...जो शांति और संयम के प्रतीक हैं। यह भारत के मूल्यों और एक अरब भारतीयों का अपमान है। गांधी जी शराब का ब्रांड नहीं हैं...यह बंद होना चाहिए।' दूसरे यूजर ने कहा कि, 'यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है। गांधीजी और शराब के बीच क्या संबंध है? शराब पर उनके नाम और छवि का उपयोग करना बंद करें, वे शराबी नहीं थे, इसके बजाय उनके नाम और छवि का उपयोग अन्य उत्पादों पर करें जो उनके व्यक्तित्व के अनुकूल हों।' एक यूजर ने कांग्रेस पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'कांग्रेस को रूस में इसका विरोध करना चाहिए।' एक अन्य यूजर ने कहा कि, 'व्लादिमीर पुतिन को बुलाने के लिए संसदीय समिति के साथ-साथ एफआईआर से कम कुछ भी मुझे संतुष्ट नहीं करेगा।'
