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होटल है या जेलः यहां कैदियों को मिलती है फाइव स्टार जैसी सुविधाएं, आर्किटेक्चर देख दिमाग हिल जाएगा

  • Authored by: किशन गुप्ता
  • Updated Apr 24, 2023, 08:02 AM IST

Justice Center Leoben: ऑस्ट्रिया के पहाड़ी इलाके लियोबेन में स्थित 'जस्टिस सेंटर लियोबेन' एक जेल है, जो दिखने में बिल्कुल किसी फाइव स्टार होटल से कम नहीं लगता। इसमें 205 कैदियों के रहने की सुविधा है, जो एकदम लग्जरियस लाइफ जीते हैं।

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जस्टिस सेंटर लियोबेन, ऑस्ट्रिया (Image Credit : Twitter)

KEY HIGHLIGHTS
  • फाइव होटल की तरह सुविधा देने वाला जेल
  • कैदियों को दी जाती है लग्जरियस ट्रीटमेंट
  • नाम है 'जस्टिस सेंटर लियोबेन'

Justice Center Leoben In Austria: फाइव स्टार वाले सुख सुविधाओं की बात की जाए तो आमतौर पर ये हमें किसी लग्जरियस होटल में मिलते हैं या किसी बड़े हॉस्पिटल में या फिर किसी मॉल में। लेकिन क्या आपने कभी ये सुना है कि किसी जेल में आपको लग्जरियस लाइफ जीने को मिले या वहां की सुविधाएं या रहने का स्थान किसी फाइव स्टार होटल की तरह हो। ये सुनने में थोड़ा अजीब जरूर लग सकता है। शायद आप सब कहे कि मैं मजाक कर रहा हूं। लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है, मैं कोई मजाक नहीं कर रहा।

दरअसल, दुनिया में एक ऐसा स्थान है, जहां आपको लग्जरियस जेल देखने को मिल सकता है। इस जेल का नाम है - 'जस्टिस सेंटर लियोबेन', जो ऑस्ट्रिया के लियोबेन में स्थित है। यह पूरा इलाका पहाड़ी है, जिससे इस जगह की सुंदरता और भी बढ़ जाती है और ऊपर से इसका आर्किटेक्चर और इंटीरियल बेहद कमाल का है, जो किसी के भी आंखों में धूल झोंक सकता है और खुद को कोई फाइव स्टार होटल मानने पर मजबूर कर सकता है।

Justice Center Leoben

जस्टिस सेंटर लियोबेन के अंदर का नजारा (Image Credit : Twitter)

इस फाइव स्टार जेल में 205 कैदियों के रहने की सुविधा

बता दें, इस जेल का निर्माण 2005 में किया गया था, जिसे फेमस आर्किटेक्ट जोसेफ होहेंसिन्न ने डिजाइन किया था। इस जेल में 205 कैदियों के रहने की व्यवस्था है। इस जेल में कैदियों को वह सारी सुविधाएं मुहैया कराई जाती है, जिसका मजा आप अपने घर या होटल में बैठ ले सकते हैं। इसके अंदर आपको स्पा, जिम, स्पोर्ट्स एरिया देखने को मिलेगी। इतना ही नहीं, यहां हर एक सेल में बाथरूम, किचन और कमरे बनाए गए हैं, जिसमें टीवी भी लगाई गई है।

दुनिया का सबसे अनोखा व लग्जरियस सुविधाओं वाला जेल

'जस्टिस सेंटर लियोबेन' जेल दुनियाभर के आम जेलों से बिल्कुल हटकर है। या फिर यूं कहे कि दुनिया का यह सबसे अनोखा जेल है, तो गलत नहीं होगा। इस जेल के अगले हिस्से में न्यायालय (कोर्ट) भी है, जिससे यहां आम इंसानों का भी आना जाना लगा रहता है। ऐसे में यहां आकर अंदर का नजारा आराम से देखा जा सकता है, जो काफी शानदार व्यू देता है।

किशन गुप्ता
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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