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Indian Railway Rules: ट्रेन में कौन सा फल ले जाना मना है, सफर पर जाने से पहले नियम और सजा दोनों जान ल‍ीजिए

Indian Railway Rules: भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए कई तरह के नियम बनाए हैं। जिनमें से एक नियम यात्रा के दौरान ले जानी वस्‍तुओं को लेकर भी है। आज हम आपको इसी नियम के बारे में बताएंगे।

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भारतीय रेलवे। (क्रिएटिव: Shaswat Gupta)

Indian Railway Rules: दुनिया में सबसे बड़े रेल नेटवर्क के मामले में भारतीय रेलवे (Indian Railway) का नाम चौथे नंबर पर आता है। जबकि यात्रियों को सुविधाएं देने के मामले में भारतीय रेलवे अग्रणी भूमिका निभाता है। सफर के दौरान यात्रियों के लिए कई तरह के नियम बनाए गए हैं। रेलवे के इन नियमों का पालन करना प्रत्‍येक यात्री के लिए अन‍िवार्य होता है। आपने भी अपने जीवन में कभी न कभी रेल यात्रा तो की ही होगी, लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि रेल नियमों के तहत आपको कौन सी चीजें ट्रेन में नहीं ले जानी चाहिए (Things you can not carry in trains) ? अगर आप ये बात नहीं जानते हैं तो घबराएं नहीं आज हम आपकी इस शंका का समाधान कर देते हैं। रेलवे के प्रमुख नियमों (Indian Railway rules for luggage) की बात करें तो स्टोव, गैस सिलेंडर, ज्वलनशील केमिकल, पटाखे, तेज़ाब, दुर्गंधयुक्‍त चीजें जैसे- चमड़ा या गीली खाल, ग्रीस, सिगरेट व बारूद इत्‍यादि ट्रेन में नहीं ले जाने चाहिए। इनके अलावा फलों के लिए भी एक नियम है, जिसके तहत ये बताया जाता है कि, ट्रेन में कौन सा फल ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यही नहीं इन नियमों के उल्‍लंघन पर यात्रियों के लिए दंड का प्रावधान भी है।

ट्रेन में शराब लेकर गए तो फंसेंगे

ट्रेन में शराब ले जाना बैन। (क्रिएटिव: Shaswat Gupta)

ट्रेन में शराब ले जाना बैन। (क्रिएटिव: Shaswat Gupta)

अगर कोई यात्री ट्रेन में शराब लेकर जाता है तो वो बुरा फंस सकता है। रेलवे के नियमों के मुताबिक, कोई भी यात्री शराब पीकर या किसी भी प्रकार का नशा करके ट्रेन से यात्रा नहीं कर सकता है। रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 165 के तहत इसके लिए सख्‍त कानून बनाया गया है। नियम में कहा गया है कि, यदि कोई भी व्‍यक्ति या यात्री ट्रेन अथवा रेलवे परिसर में नशीले पदार्थों का सेवन करते, नशे की हालत में, उपद्रव मचाते या दूसरे यात्रियों को परेशान का प्रयास करते दिखता है तो उसका टिकट तत्‍काल प्रभाव से रद्द हो सकता है। यही नहीं अगर यात्री रेलवे पास धारक है तो उसका पास भी रद्द हो सकता है। नियम के मुताबिक, दोषी पाए जाने पर व्‍यक्ति को 6 महीने तक की जेल और जुर्माने के तौर पर 500 रुपये देने पड़ सकते हैं।

ये सामान ले जाने की है अनुमति

ट्रेन में इन सामान की अनुमति। (क्रिएटिव: Shaswat Gupta)

ट्रेन में इन सामान की अनुमति। (क्रिएटिव: Shaswat Gupta)

भारतीय रेलवे के एक नियम में ये भी बताया गया है कि किस-किस सामान को लेकर जाने में कोई पाबंदी नहीं है। बकौल रेलवे नियम, यात्री ट्रेन में अपने साथ ट्रंक, सूटकेस, बॉक्स ले जा सकते हैं। इनका साइज 100 cms. x 60 cms x 25 cms से ज्यादा का नहीं होना चाहिए। यदि कोई यात्री अपने साथ पालतू जानवर को ले जाना चाहता है तो इसका अलग नियम है और एसी फर्स्ट क्लास की टिकट वालों के लिए अलग नियम है। इसमें घोड़े या बकरी जैसे कुछ जानवरों को ले जाने की ही अनुमति है। नियम के मुताबिक, ट्रेन में गैस सिलेंडर ले जाना मना है लेकिन यदि कोई मेडिकल इमरजेंसी है तो मानकों का ध्‍यान रखते हुए सिलेंडर ले जाया जा सकता है। गौरतलब है कि, ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए रेलवे स्‍वयं कई सुविधाएं प्रदान करता है।

इन सामग्रियों को ले जाने पर प्रतिबंध

ट्रेन में इन चीजों पर बैन। (क्रिएटिव: Shaswat Gupta)

ट्रेन में इन चीजों पर बैन। (क्रिएटिव: Shaswat Gupta)

यदि आप ट्रेन से सफर करने के लिए तैयार हैं और पैकिंग कर चुके हैं तो ध्यान रखें कि बहुत सी चीजों को साथ ले जाने पर रेलवे ने प्रतिबंध लगा रखे हैं। दरअसल, रेलवे नियमों के मुताबिक, ट्रेन में विस्फोटक, ज्वलनशील वस्तुएं, खाली या भरे गैस सिलेंडर, पटाखे, बारूद, बदबूदार सामान, तेजाब ले जाना प्रतिबंधित है। हालांकि इनके अलावा अन्य खतरनाक लिक्विड जैसे- हाइड्रोक्लोरिक एसिड, टॉयलेट क्लीनिंग का एसिड, सभी प्रकार की सूखी घास, पत्तियां या रद्दी कागज, तेल, ग्रीस आदि भी ट्रेन में नहीं ले जा सकते।

ट्रेन में इस फल को ले जाना है बैन

ट्रेन में ये फल बैन। (क्रिएटिव: Shaswat Gupta)

ट्रेन में ये फल बैन। (क्रिएटिव: Shaswat Gupta)

भारतीय रेलवे के नियमों में एक फल को ट्रेन में ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। दरअसल, यात्री ट्रेन में सूखे नारियल को छोड़कर अन्‍य सभी फलों को ले जाया जा सकता है। दरअसल, सूखे नारियल के बाहर के हिस्‍से (जिसमें घास जैसे रेशे होते हैं) को ज्‍वलनशील माना जाता है। इस हिस्‍से से आग लगने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए इस फल को ट्रेन में लेकर जाना मना है। यही वजह है कि आपने देखा होगा ट्रेन के अंदर फल बेचने वाले वेंडर भी इस फल को छीलकर ही बेचते हैं।

सजा का है प्रावधान

सजा का प्रावधान। (क्रिएटिव: Shaswat Gupta)

सजा का प्रावधान। (क्रिएटिव: Shaswat Gupta)

भारतीय रेलवे द्वारा निर्देशित गाइडलाइन और नियमों के उल्‍लंघन के लिए सजा का प्रावधान भी किया गया है। भारतीय रेलवे का एक नियम कहता है कि, 'यदि ट्रेन में प्रतिबंधित वस्तुओं के साथ कोई भी यात्री यात्रा करते हुए पकड़ा जाता है तो उसके विरुद्ध रेलवे एक्‍शन लेने के लिए स्‍वतंत्र है। इस स्थिति में यात्री पर 1,000 रुपये का जुर्माना, तीन साल की सजा या फिर दोनों हो सकता है। अगर किसी प्रतिबंधित सामान के कारण रेलवे संपत्ति को कोई भी क्षति या हान‍ि होती है तो उसका खर्च भी दोषी यात्री को वहन करना पड़ेगा यानी उठाना पड़ेगा।'

इसलिए अगर आप रेलवे की यात्रा करने जा रहे हैं तो इन नियमों का ध्‍यान रखें और अनावश्‍यक सामान लादने के बजाय जरूरत की चीजें ही लेकर जाएं ताकि आपकी यात्रा सुखद और मंगलमय हो।

(डिस्‍क्‍लेमर: पालतू जानवरों और आपात स्थिति में सिलेंडर लेकर जाने के लिए यात्री यात्रा से कुछ दिन पहले स्‍थानीय स्‍टेशन अधीक्षक के पास जाकर प्रक्रिया समझ सकते हैं और ज्‍यादा जानकारी प्राप्‍त कर सकते हैं।)

Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ताauthor

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के बाद मीडिया जगत में दस्तक दी। 2019 में दैनिक जागरण से पत्रकारीय जीवन का आरंभ हुआ। इसके बाद जागरण न्‍यू मीडिया, दैनिक भास्‍कर और इंडिया टीवी में सेवाएं दीं। अप्रैल 2023 से टाइम्‍स नाउ नवभारत (https://www.timesnowhindi.com/) के साथ यह सफर अनवरत‍ जारी है। परंपरागत मीडिया से प्रारंभ हुआ करियर अब आधुनिक यानी डिजिटल मीडिया तक पहुंच चुका है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से शुरू हुई यह यात्रा लोकल/हाइपरलोकल डेस्‍क, प्रादेशिक डेस्‍क, सोशल मीडिया डेस्‍क, नेशनल डेस्‍क से अब वायरल डेस्‍क तक पहुंच चुकी है। करीब साढ़े चार साल के इस करियर में अविस्‍मरणीय अनुभव रहे हैं। दैनिक जागरण में पहली पारी के दौरान बिकरू कांड जैसी बड़ी और ज्‍वलन्‍त घटना की कवरेज करने का अवसर मिला। प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया दोनों ही मंचों पर बेहतरीन ढंग से खबर का प्रस्‍तुतिकरण किया। प्रिंट मीडिया की प्रादेशिक डेस्‍क पर कार्य करते हुए कानपुर सिटी, कानपुर देहात, इटावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर, औरैया, जालौन, उन्‍नाव, फर्रुखाबाद और कन्‍नौज संस्‍करण की जिम्‍मेदारी संभाली। इन सभी डेस्‍क का कार्य निष्‍पादित करते हुए हर ब्रेकिंग खबर का प्रिंट व डिजिटल दोनों माध्‍यमों में बेहतरीन प्रस्‍तुतिकरण किया। तत्‍पश्‍चात् जागरण न्‍यू मीडिया के हाइपरलोकल सेक्‍शन की लॉन्चिंग में यूपी टीम के सक्रिय सदस्‍य रहे। 2019 से लेकर 2022 तक कोरोना की तीनों लहरों की कवरेज की। इस दौरान लॉकडाउन और ऑक्‍सीजन संकट से ऊपजे हालात पर कई स्‍टोरीज कीं। उत्‍तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 में अलग-अलग दिनों में होने वाली अलग-अलग स्‍थानों की वोटिंग, काउंटिंग और रिजल्‍ट से जुड़ी खबरों को पाठकों तक बखूबी पहुंचाया। इस दौरान खबरों की प्‍लानिंग, लाइव ब्‍लॉग लाइव करने के साथ मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर मिला। 2021 में माफिया मुख्‍तार अंसारी की बांदा जेल में वापसी पर भी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर कवरेज की। ढाई साल में उत्‍तर प्रदेश के अंदर हुई इस उथल-पुथल के बाद कन्‍नौज के पियूष जैन कांड की खबर को ब्रेक किया। इस केस में रेग्‍युलर कवरेज करने के अलावा कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरीज करने का मौका भी मिला। तत्‍पश्‍चात् कानपुर मेट्रो से जुड़े कार्यों की कवरेज कर औपचारिक तौर पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दौरे और प्रथम कॉरिडोर के उद्घाटन की कवरेज करने के साक्षी रहे। उतार-चढ़ाव से भरा डिजिटल मीडिया का यह पहला अनुभव काफी शानदार रहा और बेहतरीन कवरेज से यूपी टीम में कानपुर सेक्‍शन को दूसरा सर्वाधिक Pageviews वाला सेक्‍शन बनाने में योगदान दिया। दैनिक भास्‍कर (DB Digital) के साथ उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भगवा लहर के साक्षी रहे। डिजिटल मीडिया के दूसरे पड़ाव में प्रदेश की चुनावी सरगर्मी को भांपने का अवसर मिला। इसके साथ-साथ उत्‍तर प्रदेश की सैकड़ों तहसील, ब्‍लॉक व गांव इत्‍यादि की दैनिक खबरों का नियोजन कर उन्‍हें फ्लैश करने की जिम्‍मेदारी का निर्वाह किया। दूसरे पड़ाव में उत्‍तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश को खबरों के लिहाज से करीने से समझा और स्‍थानीय क्षेत्रों की समस्याओं को बड़े स्‍तर तक पहुंचाने का काम किया। विधानसभा चुनाव की छोटी-बड़ी खबरों को ब्रेक करने के साथ-साथ ऑब्‍जर्वेशन आधारित मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर भी मिला।इंडिया टीवी में समाचार लेखन और प्रस्‍तुतिकरण का एक नया अनुभव प्राप्‍त करने का सौभाग्‍य मिला। यू-ट्यूब की दुनिया में खबरों के महत्‍व, लेखन और प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिला। जिसके बाद पंजाबी गायक स‍िद्धू मूसेवाला मर्डर केस और महाराष्‍ट्र के सियासी संकट की खबर को ब्रेक किया। यूपी में निर्माणाधीन एक्‍सप्रेस-वे पर वीडियो पैकेज बनाकर दर्शकों के सम्‍मुख यूट्यूब ओरिएंटेड एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरी पेश की। राजू श्रीवास्‍तव-मुलायम सिंह यादव का निधन, श्रद्धा वाल्‍कर मर्डर केस, जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा और द्रौपदी मुर्मू के राष्‍ट्रपति बनने के सफर पर कई वीडियो और उनकी LIVE स्‍ट्रीमिंग करने का मौका मिला। इनके अलावा साल 2022 में हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश के व‍िधानसभा चुनाव एवं दिल्‍ली एमसीडी चुनाव से जुड़े वीडियो पर खबरों की कवरेज (यू-ट्यूब पर), लाइव स्‍ट्रीमिंग की। चैनल के शो 'आप की अदालत' की री-लॉन्चिंग पर टीम के साथ को-ऑर्डिनेशन से लाइव स्‍ट्रीमिंग और वीडियो पैकेजिंग का अनुभव प्राप्‍त किया। इसके बाद माफिया अतीक अहमद की साबरमती जेल से वापसी और उसके बेटे के एनकाउंटर पर आधारित वीडियोज़ को बेहतरीन इमेज-कंटेंट क्रिएशन के साथ पब्लिश किया। कोई भी खबर न रुके, न छूटे, न चूके...इसी उद्देश्‍य के साथ विविधता से परिपूर्ण इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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