Dussehra 2024: श्रीराम लीला सोसाइटी ने द्वारका के सेक्टर 10 में भारत का सबसे ऊंचा रावण का पुतला बनाने का दावा किया है, जिसकी ऊंचाई 211 फीट है। देखने में विशाल दिख रहे इस ढांचे को तैयार करने और स्थापित करने में तकरीबन चार महीने से ज्यादा का समय लगा। हालांकि, टाइम्स नवभारत इस दावे की पुष्टि नहीं करता है। आयोजन टीम के अध्यक्ष राजेश गहलोत के नेतृत्व में समिति ने भव्य रामलीला कार्यक्रम में नई प्रतिभा और रचनात्मकता को दिखाने के लिए दिल्ली एनसीआर के 400 से अधिक कलाकारों के ऑडिशन लिए थे।
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए राजेश गहलोत ने कहा कि, 'जैसा कि हम देख सकते हैं, समाज में पाप बढ़ रहा है, इसलिए यह पुतला बढ़ते पापों को दर्शाता है, और हम 12 अक्टूबर, 2024 को दशहरा पर उन सभी को जला देंगे। पुतला बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, जो त्योहार का एक मुख्य विषय है।' हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, गहलोत ने यह भी बताया कि 'हमने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया है और हमें सकारात्मक जवाब की उम्मीद है। अन्य भाजपा नेताओं को भी निमंत्रण भेजा गया है।'
बताया जा रहा है कि, इस साल की रामलीला की प्रेरणा अयोध्या के प्राचीन राम मंदिर से ली गई है। दक्षिण भारतीय मंदिरों की शैली में आयोजन स्थल के प्रवेश द्वार डिजाइन किए गए हैं, जिन्हें 'गोपुरम' के तौर पर जाना जाता है। राजेश गहलोत ने कहा, 'हमारा ध्यान रामलीला को यथासंभव सुंदर तरीके से प्रस्तुत करने पर रहा है, तथा सजावट और कलाकारों के प्रदर्शन पर विशेष ध्यान दिया गया है।'
गौरतलब है कि, समारोह में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद है इसलिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इस समारोह की सुरक्षा के लिए 50 से अधिक दिल्ली पुलिस के जवान, 200 स्वयंसेवक और 100 से अधिक सिविल अधिकारी तैनात किए जाएंगे, ताकि सभी उपस्थित लोगों के लिए सुरक्षित और आनंददायक अनुभव सुनिश्चित किया जा सके।
