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ओ तेरीः ये है भारत का सबसे रहस्यमई स्थान, जहां 99 लाख 99 हजार 999 मूर्तियों का अनूठा संग्रह

  • Authored by: किशन गुप्ता
  • Updated Apr 22, 2023, 01:58 PM IST

त्रिपुरा की राजधानी अगरतला से करीब 145 किमी की दूरी पर स्थित उनाकोटी है, जो आज भी अपने रहस्यों के लिए जाना जाता है। यहां आपको 99 लाख 99 हजार 999 मूर्तियों का अनूठा संग्रह देखने को मिलेगा, जिसे देखने के बाद शॉक्ड हो जाएंगे।

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उनाकोटी रॉक कार्विंग्स (Image Credit: iStock)

KEY HIGHLIGHTS
  • काफी रहस्यमई है उनाकोटी
  • मूर्तियों की संख्या एक करोड़ में एक कम
  • कारण भी बेहद अनोखा

Unakoti Rock Carvings: दुनिया अजूबों से भरा पड़ा है, खासतौर पर अपना भारत देश और यहां के रहस्य। इन रहस्यों पर से आज तक कोई पर्दा नहीं उठा सका है। दुनियाभर के तमाम शोधकर्ता ऐसे विषयों पर शोध करने की काफी कोशिश करते हैं, लेकिन वे कामयाब नहीं हो पाते हैं। यह स्थान न सिर्फ भारत का बल्कि दुनिया के सबसे रहस्यमई स्थानों में से एक माना जाता है, जिसके बारे में आज तक कोई सटीक प्रमाण नहीं है कि आखिर इसके पीछे का क्या कारण है?

इस स्थान का नाम उनाकोटी है, जो अगरतला (त्रिपुरा की राजधानी) से लगभग 145 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस स्थान के बारे में कहा जाता है कि यहां 99 लाख 99 हजार 999 पत्थर की मूर्तियां हैं, जो एक करोड़ से महज एक कम हैं। लेकिन आज तक इसका रहस्य कोई सुलझा न सका। ये ये मूर्तियां किसने बनाई, कब बनाई या क्यों बनाई, इस सवाल का जवाब ढूंढना नामुमकीन सा बन गया है। इस स्थान को लेकर जो सबे जरूरी प्रश्न पूछा जाता है वो है यहां की मूर्तियां, जो एक करोड़ से एक कम ही क्यों है?

Unakoti Rock Carvings

उनाकोटी के पहाड़ी पर उकेरी गई मूर्तियां (Image Credit: iStock)

आज तक रहस्य बना हुआ है उनाकोटी

बता दें, उनाकोटी में एक ऐसा स्थान है, जो घने जंगलों और दलदली इलाकों से भरा हुआ है। इन्हीं जंगलों के बीच ये लाखों मूर्तियां बनाई गई है। अब सोचने वाली है कि आखिर कैसे? क्योंकि इस स्थान के आसपास कोई रहता भी नहीं था और ना ही ये स्थान रहने लायक है तो फिर...। इसका कोई सटीक प्रमाण आज तक नहीं मिला है। इस पर अब तक काफी बार रिसर्च भी किया जा चुका है, लेकिन फिर कारणों का पता नहीं लग पाया। ये सभी मूर्तियां देवी-देवताओं की है, जो पत्थरों पर काफी बेहतरीन कारीगरी के साथ उकेरी गई है, जिन्हें लेकर कई किवदंती भी कही जाती है।

उनाकोटी को लेकर प्रचलित किवदंती

किवदंती के अनुसार, इन हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों के बारे में कई पौराणिक कथा बहुत प्रचलित है। इनमें से एक भगवान शिव और अन्य सभी देवी-देवताओं से संबंधित है। कहा जाता है कि एक बार भगवान शिव समेत एक करोड़ देवी-देवता कहीं जा रहे थे। रात हो जाने की वजह से बाकी देवी-देवताओं ने शिव जी से उनाकोटी में रुकने के लिए कहा ताकि सभी आराम कर सकें। इस पर महादेव ने हां कह दिया। लेकिन साथ ही कहा कि सूर्योदय के पहले तक सभी इस स्थान को छोड़ दें। सूर्योदय हुआ, लेकिन सभी सो रहे थे। ऐसे में शिव जी ने गुस्से में आकर सभी को श्राप दे दिया और फिर सभी को पत्थर बना दिया। यही कारण है कि यहां एक करोड़ से एक कम यानी 99 लाख 99 हजार 999 मूर्तियां देखने को मिलती हैं।

दूसरी किवदंती के अनुसार...

दूसरी किवदंती के अनुसार, कहा जाता है कि प्राचीन समय में यहां एक कालू नाम का शिल्पकार रहता था, जो भगवान शिव और माता पार्वती के साथ कैलाषश जाना चाहता था। अब ऐसे में उसके काफी जिद करने के बाद भगवान शिव ने उससे कहा कि "अगर एक दिन में तुम (कालू) एक करोड़ देवी-देवताओं की मूर्तियां बना दोगे तो वो उसे अपने साथ कैलाश ले जाएंगे।" फिर क्या था...शिल्पकार ने यह बात सुनते ही अपना काम शुरू कर दिया और दिन-रात मेहनत के बाद जब मूर्तियों की गिनती हुई तो मूर्तियां एक कम ही निकली, जिसके चलते वह भगवान शिव के साथ कैलाश नहीं जा पाया। तभी से इस स्थान का नाम उनाकोटी पड़ा, जिसका अर्थ होता है कि एक करोड़ से एक कम।

किशन गुप्ता
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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