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बिना पहिया के ट्रैक्टर चलाने के लिए शख्स ने लगाया ऐसा खतरनाक दिमाग, जुगाड़ देख हिल जाएगा दिमाग

भारतीय जुगाड़ को दर्शाने वाले इस वायरल वीडियो में एक व्यक्ति बिना पहिये के ट्रैक्टर चला रहा है। सोशल मीडिया पर इस खतरनाक जुगाड़ की चर्चा हो रही है, जिसके बारे में यूजर्स अपनी अलग-अलग राय शेयर कर रहे हैं।

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ट्रैक्टर चलाने का गजब की तरीका (X)

KEY HIGHLIGHTS
  • देसी जुगाड़ का कमाल का वीडियो
  • ट्रैक्टर चलाने का गजब की तरीका
  • जमकर वायरल हो रहा ये वीडियो

Desi Jugaad To Run Tractor: भारतीय जुगाड़ की मिसालें हमेशा से लोगों को हैरान करती रही हैं, और हाल ही में एक वीडियो ने इस विशेषता को फिर से साबित कर दिया है। वायरल हो रहे इस वीडियो में एक व्यक्ति एक अजीबोगरीब ट्रैक्टर चला रहा है, जिसे देखने के बाद सब लोग सोच में पड़ गए। खास बात यह है कि इस ट्रैक्टर के ट्रॉले में कोई पहिया नहीं है, लेकिन जुगाड़ के जरिए इसे इस तरह तैयार किया गया है कि यह आराम से चल रहा है। यह छोटी-छोटी चीजों से बड़े कार्य करने की भारतीय क्षमता को दर्शाता है।

इस ट्रैक्टर के पीछे लगे ट्रॉले को बिना पहिये के चलाते देखना वाकई अद्भुत है। वीडियो में स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि ड्राइवर अपनी योग्यता के जरिए इस अद्भुत जुगाड़ को सफलतापूर्वक लागू करने में सक्षम है। यह मूवीज की तरह प्रतीत होता है, जहां एक व्यक्ति कुछ असंभव को संभव बनाता है। वीडियो को देखने वाले सभी लोग इसकी तारीफ कर रहे हैं और इस मामले में अपनी अलग-अलग राय साझा कर रहे हैं।

ट्रैक्टर चलाने का गजब की तरीका

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर '@Guruji___' नाम के एक अकाउंट द्वारा साझा किया गया यह वीडियो लाखों लोगों द्वारा देखा जा चुका है। यूजर्स के मजेदार कमेंट्स भी इसकी लोकप्रियता में चार चांद लगा रहे हैं। कुछ यूजर्स ने इसे खतरनाक जुगाड़ करार दिया है, वहीं अन्य ने सावधानी बरतने की जरुरत की बात कही है। इस वीडियो ने साबित कर दिया है कि भारत में जुगाड़ केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक कला है।

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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