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Ajab Gajab: भारी गरीबी के कारण फीस भी नहीं भर पाता था, तीन दिन कमरे में रोया और फिर हुआ कुछ ऐसा बदल गई पूरी जिंदगी

  • Authored by: किशन गुप्ता
  • Updated Jun 19, 2023, 05:17 PM IST

गरीबी में जिंदगी जीने वाला एक लड़का, जिसके पास कॉलेज की फीस भरने तक के पैसे नहीं थे। ऐसे में तीन दिन एक कमरे में बैठकर रोता रहा और फिर उसने अपनी जिंदगी बदलने की ठानी और आज वह 25 साल की उम्र में करोड़पति हैं।

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यूट्यूबर मनोज सारू (Image Credit - Instagram)

KEY HIGHLIGHTS
  • गरीबी से लड़ चुके हैं यूट्यूबर मनोज सारू
  • अब लाखों में करते हैं कमाई
  • यूट्यूबर मनोज सारू की सक्सेस की कहानी


Youtuber Manoj Saru Success Story: गरीबी इंसान से क्या-क्या करवा लेती है, इसका अंदाजा लगाना नामुमकिन है। कभी किसी को खाने को नहीं मिलता तो कभी किसी की पढ़ाई ही छूट जाती है। ऐसे में लोग हताश होकर गलत कदम उठाने के लिए मजबूर हो जाते हैं और फिर जो होता है, वो आप सभी को मालूम ही है। लेकिन इनमें से कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जो परेशान तो इस कदर हो जाते हैं कि उनकी दुनिया ही लूट गई हो लकिन फिर बाद में जब वे खड़े होते हैं तो सभी को पीछे छोड़ जाते हैं और अपनी एक अलग सी दुनिया बसा लेते हैं। बस इनमें से ही एक नाम है मनोज सारू का।

आज के समय में मनोज सारू काफी फेमस हैं, लेकिन इनके सफलता के पीछे छिपी संघर्ष की कहानी बताते हैं। एक समय ऐसा था, जब मनोज सारू किराए के घर में रहा करते थे। उस समय उनके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह कॉलेज में दाखिला ले सकें। दरअसल, उन्हें बीटेक में एडमिशन लेना था और इसके लिए एक लाख रुपए चाहिए थे लेकिन उनके पास इतने पैसे नहीं थे। एक बार तो ऐसा हुआ कि वे तीन दिन तक लगातार रोते रहे, फिर उन्हें लगा कि रोने से कुछ नहीं होगा, अब उन्हें ही कुछ कर दिखाना होगा।

पहला चैनल कम्युनिटी गाइडलाइंस के चलते हो गया था डिलीट

मनोज की कंप्यूटर में खासा रुचि थी, लेकिन फिर बात आकर रुकी पैसों पर। फिर एक दिन उन्होंने एक आर्टिकल पढ़ा, जिसमें लिखा था कि घर बैठे हर महीने लाखों रुपये कमा सकते हैं। इससे उन्हें काफी प्रेरणा मिली। इसी समय जियो की लॉन्चिंग हुई थी और फिर यही से शुरू हुआ उनके सफलता का दौर। उन्होंने यूट्यूब पर टेक्नोलॉजी से जुड़ा एक चैनल बनाया, जिसपर करीब 25 हजार से अधिक सब्सक्राइबर्स हो गए थे और तब तक एक दो वीडियो भी काफी वायरल हो गए थे। लेकिन उन्हें यूट्यूब की कम्युनिटी गाइडलाइंस के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी और फिर एक दिन चैनल ही डिलीट हो गया।

अब लाखों में होती है कमाई

लेकिन फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और एक दूसरा चैनल बनाया, जिसका नाम टेक्नोलॉजी ज्ञान रखा। जिस पर करीब दो साल कड़ी मेहनत करने के बाद उन्हें पहला पेमेंट मिला, जो 250 डॉलर का था। इसके बाद वे इसी पर मेहनत करते रहे और आज के समय में वे हर महीने लाखों रुपए की कमाई करते हैं। मनोज का कहना है कि वे अपने चैनल पर काम करने के साथ-साथ कॉलेज की पढ़ाई भी पूरी की। वे रात में जागकर वीडियो बनाया करते थे और आज वे भारत के जानेमाने यूट्यूबर्स में से एक गिने जाते हैं।

किशन गुप्ता
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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