India vs Nepal Holi: होली रंगों और खुशियों का बड़ा त्योहार है। भारत और पाकिस्तान में होली (Holi Kyu Manaya Jata Hai) आमतौर पर एक ही दिन मनाई जाती है। दोनों देश (ind vs pakistan holi) हिंदू कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा (Phalguna Purnima) पर होली मनाते हैं, जो चंद्रमा की तिथि पर आधारित होती है। इसलिए तारीख एक जैसी रहती है। वहीं पर भारत और नेपाल दोनों देशों में भी यह पर्व बड़े उत्साह से मनाया जाता है, लेकिन बहुत से लोगों को यह नहीं पता कि दोनों जगह होली एक ही दिन नहीं मनाई जाती। नेपाल में होली को 'फागु पूर्णिमा' कहा जाता है और वहां यह अलग-अलग क्षेत्रों में अलग तारीख को मनाई जाती है।
साल 2026 में इस बार ग्रहण और पूर्णिमा का चांद होने के कारण होलिका दहन 2 मार्च 2026 को हो गया। जबकि रंगों वाली होली 4 मार्च को मनाई जाएगी। भारत के ज्यादातर राज्यों में यही तारीख मान्य रही। लेकिन नेपाल में स्थिति थोड़ी अलग रही। नेपाल (India vs Nepal Holi) के पहाड़ी इलाकों, जैसे काठमांडू और पोखरा, में होली 2 मार्च को मनाई गई। वहीं तराई क्षेत्र, जो भारत की सीमा से लगा हुआ है, वहां 3 मार्च को होली खेली गई। नेपाल सरकार ने पहाड़ी क्षेत्रों में 2 मार्च और तराई में 3 मार्च को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया।
मुख्य कारण क्षेत्रीय परंपराएं और पंचांग का अंतर
अब सवाल यह है कि ऐसा क्यों होता है? इसका मुख्य कारण क्षेत्रीय परंपराएं और पंचांग का अंतर है। नेपाल में पहाड़ी और तराई क्षेत्रों की सांस्कृतिक परंपराएं अलग-अलग हैं। पहाड़ी इलाकों में नेपाली कैलेंडर यानी विक्रम संवत के अनुसार पूर्णिमा के दिन ही होली मनाई जाती है। इसलिए वहां यह एक दिन पहले हो जाती है। दूसरी ओर, तराई क्षेत्र में भारत की परंपराओं का प्रभाव ज्यादा है। वहां पूर्णिमा के अगले दिन रंगों वाली होली मनाने की परंपरा है, जो भारत के कई हिस्सों से मिलती-जुलती है।
स्थानीय मान्यताओं के कारण तिथियों में थोड़ा अंतर
होली चंद्र कैलेंडर पर आधारित त्योहार है। अलग-अलग पंचांग और स्थानीय मान्यताओं के कारण तिथियों में थोड़ा अंतर आ जाता है। यही वजह है कि नेपाल में यह त्योहार दो अलग-अलग दिनों में मनाया जाता है। संक्षेप में कहें तो भारत में होली अधिकतर एक ही दिन मनाई जाती है, जबकि नेपाल में यह क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग दिन पड़ती है। यह दोनों देशों की सांस्कृतिक विविधता का सुंदर उदाहरण है।
