Samarth by Hyundai: दिव्यांगजन के लिए समावेशी अर्थव्यवस्था

Times Now Digital

Updated Aug 26, 2025, 20:32 IST

गांधीनगर का यह स्कूल दृष्टिबाधित बच्चों के लिए सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि एक ऐसी दुनिया है जहां वे खुद को सुरक्षित और अपनापन महसूस करते हैं। जब कोई जगह अपनेपन से भर जाती है, तो वहां सीखना भी सहज और सुखद हो जाता है। यहां हर कोना उनकी जरूरतों को ध्यान में रखकर बड़े स्नेह से बनाया गया है। Touch, smell, sound और रोशनी जैसे छोटे-छोटे संकेत उनके रास्तों को आसान बनाते हैं, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ हर चीज को पहचान और समझ सकें। रंगों और टेक्सचर का खूबसूरत मेल इस बात का सबूत है कि जब कोई जगह दिल से बनाई जाए, तो वह सिर्फ दीवारों का ढांचा नहीं रहती, बल्कि सीखने और आगे बढ़ने का सशक्त जरिया बन जाती है।