Gyanvapi Masjid case : वाराणसी जिला अदालत में आज से ज्ञानवापी केस में सुनवाई, 4 अर्जियों पर होगी बहस 

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 23, 2022, 10:05 AM IST

Gyanvapi Masjid case News: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि शिवलिंग की सुरक्षा के बारे में शीर्ष अदालत ने 17 मई को जो आदेश दिया है, वह आगे भी जारी रहेगा। अदालत ने कहा कि ज्ञानवापी मामले में अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी की अर्जी पर वह जुलाई के दूसरे सप्ताह में सुनवाई करेगा।

Gyanvapi Masjid case : सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ज्ञानवापी मस्जिद विवाद की सोमवार से वाराणसी की जिला अदालत में सुनवाई होगी। शीर्ष अदालत के आदेश के बाद ज्ञानवापी विवाद से जुड़े सभी मामले वाराणसी सिविल कोर्ट से जिला अदालत में स्थानांतरित हुए हैं। जिला जज अजय विश्वेसा आज दो बजे चार याचिकाओं पर सुनवाई करेंगे। इनमें हिंदू और मुस्लिम पक्ष की याचिकाएं शामिल हैं। शीर्ष अदालत ने आठ सप्ताह के भीतर सभी मामलों की सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया है। आज की सुनवाई को देखते हुए जिला जज के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अफवाह फैलाने वाले पर कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।  

जिला अदालत में चार अर्जियों पर सुनवाई
चार याचिकाओं में हिंदू पक्ष की तरफ से श्रृंगार गौरी की पूजा रोज करने और वजूखाने के पास की दीवार गिराने की मांग की गई है जबकि मुस्लिम पक्ष की ओर से वर्शिप एक्ट के तहत यथास्थिति बरकरार रखने और वजूखाने का सील एरिया खोलने की मांग की गई है। इन मांगों पर अदालत का रुख क्या रहता है, यह देखने वाली बात होगी। गत शुक्रवार को ज्ञानवापी मामले पर सुप्रीम कोर्ट में हिंदू और मुस्लिम पक्ष के बीच दलीलें हुईं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने इस पूरे मामले को जिला अदालत में स्थानांतरित करने का आदेश दिया। साथ ही कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद में मिले शिवलिंग को सुरक्षित रखने एवं वजू के लिए पानी का प्रबंध करने का फैसला सुनाया। 

SC का आदेश-जिला जज करेंगे अब ज्ञानवापी मामले की सुनवाई, शिवलिंग की सुरक्षा जारी रहेगी, नमाज भी होगी


शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि शिवलिंग की सुरक्षा के बारे में शीर्ष अदालत ने 17 मई को जो आदेश दिया है, वह आगे भी जारी रहेगा। अदालत ने कहा कि ज्ञानवापी मामले में अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी की अर्जी पर वह जुलाई के दूसरे सप्ताह में सुनवाई करेगा। मामले की सुनवाई करते हुए सीजेआई एनवी रमण ने कहा कि हम इस मामले का उपचार तलाश रहे हैं। पीठ ने कहा कि हम ट्रायल कोर्ट को सीमा से बाहर जाने नहीं दे सकते और हम ग्राउंड पर शांति एवं संतुलन चाहते हैं। कोर्ट का कहना है कि जिला जज अपने अनुभव से यह मामला देख सकते हैं। सर्वे रिपोर्ट लीक होने से रुकनी चाहिए। मुस्लिम पक्ष की दलील पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हम ट्रायल कोर्ट को आदेश नहीं दे सकते। ट्रायल कोर्ट अपने आप में सक्षम है। हम कमिश्नर की रिपोर्ट नहीं देख सकते।   

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