चुनावी बिसात से पहले राजनीतिक फिजा में गर्मी, अब यूपी में खेला होई के लगे पोस्टर

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 25, 2021, 10:06 PM IST

चुनावी प्रचार में नारों और स्लोगन का अपना महत्व होता है। वाराणसी में समाजवादी पार्टी के किसी नेता ने पोस्टर लगवाए जिस पर लिखा था यूपी में खेला होई और अब चुनावी चर्चा के केंद्र में है

चुनावी बिसात से पहले राजनीतिक फिजा में गर्मी, अब यूपी में खेला होई के लगे पोस्टर

यूपी में खेला होई, आप सोच रहे होंगे इसका क्या मतलब है तो इसके लिए पहले खेला होबे को समझना होगा। बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी जब ममता बनर्जी के खिलाफ आक्रामक चुनाव अभियान चला रही थी तो खेला होबे शब्द का इस्तेमाल किया और देखते ही देखते यह शब्द लोगों की जुबां पर चढ़ गया। अब अगर बात यूपी की करें को अगले साल विधानसभा चुनाव होना है और अलग अलग तरह के नारे और स्लोगन गढ़े जा रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय इलाके में समाजवादी पार्टी के किसी नेता ने पोस्टर लगवाया जिस पर लिखा था कि  2022 में खेला होई। 

यूपी में अब खेला होई के पोस्टर लगे
समाजवादी पार्टी  के पूर्व विधायक अब्दुल समद अंसारी ने घरों में भोजपुरी में लिखाया है 2022 में खेला होई...इसके साथ ही इस नारे की चर्चा होने लगी है।वाराणसी के साथ साथ कानपुर में अब यूपी में खेला होई के पोस्टर लगे। इस होर्डिंग में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की फोटो है। समाजवादी पार्टी के नेताओं का कहना है कि जिस तरह बंगाल में बीजेपी ने अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया उसका नतीजा बंगाल में बीजेपी ने देखा है कुछ ऐसे ही तस्वीर यूपी में भी बीजेपी के साथ होने जा रही है।

सियासी घमासान हुई तेज
यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले अब बिसात बिछने लगी है। बीजेपी में उठापठक के बीच समाजवादी पार्टी की तरफ से जवाब आया कि आगे का रास्ता साफ है कि क्या होने वाला। पिछले साढ़े चार साल में बीजेपी ने विकास का काम नहीं किया है। बीजेपी के पास गिनाने के लिए कुछ भी नहीं है। आज यूपी के लोगों ने मानस बना लिया है और उसका नतीजा 2022 में सामने आएगा।



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