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भारत में सिर्फ LPG को लेकर ही क्यों हो रही दिक्कत, PNG में क्यों नहीं?

भारत में PNG की सप्लाई मुख्य रूप से कृष्णा-गोदावरी (KG) बेसिन, असम और त्रिपुरा जैसे गैस क्षेत्रों से होती है। इनमें KG बेसिन सबसे बड़ा योगदान देता है। इसके अलावा भारत LNG (Liquefied Natural Gas) के रूप में कतर, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से भी गैस आयात करता है।

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भारत में सिर्फ LPG को लेकर ही क्यों हो रही दिक्कत, PNG में क्यों नहीं

मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम समुद्री रास्ते पर खतरे के कारण तेल और गैस की सप्लाई बाधित हो रही है। इसी वजह से भारत में LPG संकट गहराता दिख रहा है, जबकि PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) अपेक्षाकृत स्थिर बनी हुई है, आखिर क्यों, आइए समझते हैं...

PNG क्या है और यह कहां से आता है?

PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस मुख्य रूप से मीथेन गैस होती है, जिसे पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक पहुंचाया जाता है। यह गैस प्राकृतिक गैस के भंडारों से निकाली जाती है और फिर देशभर में पाइप नेटवर्क के जरिए सप्लाई की जाती है।

भारत में PNG की सप्लाई मुख्य रूप से कृष्णा-गोदावरी (KG) बेसिन, असम और त्रिपुरा जैसे गैस क्षेत्रों से होती है। इनमें KG बेसिन सबसे बड़ा योगदान देता है। इसके अलावा भारत LNG (Liquefied Natural Gas) के रूप में कतर, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से भी गैस आयात करता है।

LPG क्या है और क्यों बढ़ी इसकी दिक्कत?

LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होता है, जिसे सिलेंडर में भरकर घरों तक पहुंचाया जाता है। यह मुख्य रूप से कच्चे तेल के रिफाइनिंग से बनता है और भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% LPG आयात करता है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि इस आयात का करीब 90% हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर आता है, जो इस समय युद्ध के कारण प्रभावित है। ऐसे में LPG की सप्लाई में देरी, कमी और लंबा इंतजार जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।

PNG क्यों नहीं हो रहा ज्यादा प्रभावित?

PNG की सबसे बड़ी खासियत इसका सप्लाई सिस्टम है। यह पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए लगातार घरों तक पहुंचता रहता है, जबकि LPG सिलेंडर के रूप में अलग-अलग डिलीवरी पर निर्भर करता है। PNG घरेलू उत्पादन और अलग-अलग देशों से आने वाले LNG के मिश्रण पर आधारित होता है, इसलिए किसी एक क्षेत्र में संकट आने पर इसका असर सीधे उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचता। इसके उलट LPG पूरी तरह लॉजिस्टिक्स और शिपमेंट पर निर्भर है, जिससे छोटे व्यवधान भी बड़ी समस्या बन जाते हैं।

सरकार क्यों दे रही PNG अपनाने पर जोर?

भारत सरकार अब तेजी से लोगों को PNG अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। हाल ही में सरकार ने यह भी आदेश दिया है कि जहां PNG कनेक्शन उपलब्ध है, वहां लोगों को LPG छोड़कर PNG अपनाना होगा, वरना गैस सप्लाई बंद की जा सकती है। इस कदम का उद्देश्य LPG पर आयात निर्भरता कम करना और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाना है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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