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Interest on Income Tax Refund: इनकम टैक्स रिटर्न पर कितना मिलता है ब्याज, जान लीजिए

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Aug 8, 2024, 08:21 PM IST

Interest on Income Tax Refund: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) इनकम टैक्स रिफंड प्रोसेस करता है और उन्हें सीधे टैक्सपेयर के आईटीआर में दर्ज बैंक खाते में जमा करता है। अगर आप अपना टैक्स रिटर्न दाखिल करने के बाद टैक्स रिफंड के लिए योग्य हैं, तो आपको देरी होने पर तय दर पर ब्याज के साथ रिफंड मिलना चाहिए।

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(Image Source: iStockphoto)

Interest on Income Tax Refund: अगर आपने किसी वित्तीय वर्ष में अपनी बकाया राशि से अधिक टैक्स का भुगतान किया है, तो आप उस वर्ष के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने के बाद इनकम टैक्स रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, रिफंड जारी होने से पहले टैक्स विभाग आपको ITR की प्रोसेसिंग और इसकी पुष्टि करने वाला एक सूचना नोटिस जारी करता है। यह सूचना नोटिस इनकम टैक्स अधिनियम, 1961 की धारा 143 (1) के तहत प्रदान किया जाता है। इस वर्ष, वित्त वर्ष 2023-24 (AY 2024-25) के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2024 है।

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) इनकम टैक्स रिफंड प्रोसेस करता है और उन्हें सीधे टैक्सपेयर के आईटीआर में दर्ज बैंक खाते में जमा करता है। इसलिए सहीं बैंक अकाउंट और आईएफएस कोड प्रदान करना महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, सरकार के नए इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर बैंक खाते को पहले से वेरिफाई करना और पैन को बैंक खाते से जोड़ना महत्वपूर्ण है।

कितना मिलता है ब्याज

अगर आप अपना टैक्स रिटर्न दाखिल करने के बाद टैक्स रिफंड के लिए योग्य हैं, तो आपको देरी होने पर तय दर पर ब्याज के साथ रिफंड मिलना चाहिए। हालांकि, ऐसा हमेशा नहीं होता है। आम तौर पर, भुगतान में देरी के लिए टैक्स रिफंड पर 0.5 फीसदी प्रति माह या महीने के हिस्से पर ब्याज लगता है। जब आपका टैक्स रिटर्न सफलतापूर्वक प्रोसेस हो जाता है, तो आपको इसकी पुष्टि करने के लिए धारा 143(1) के तहत एक नोटिस प्राप्त होगा। नोटिस में किसी भी टैक्स रिफंड की कुल राशि भी शामिल होगी।

ब्याज की गणना

ऐसे मामलों में जहां रिफंड अधिक भुगतान किए गए एडवांस टैक्स या टीडीएस के कारण मिलना है। तब ब्याज की गणना एसेसमेंट ईयर की शुरुआत से लेकर रिफंड मंजूर होने तक की जाती है। अन्य स्थितियों के लिए जैसे कि टैक्स अधिकारियों द्वारा किए गए निर्णयों के चलते रिफंड, ब्याज की गणना टैक्स का भुगतान किए जाने की तारीख से लेकर रिफंड प्रदान किए जाने की तारीख तक की जाती है।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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