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क्या होता है Blue Aadhaar कार्ड? क्यों जरूरी और कैसे कर सकते हैं अप्लाई, जानें सभी जरूरी डिटेल

Baal Aadhaar card: बाल आधार कार्ड बनवाना एक स्मार्ट फैसला है, जिससे बच्चे की पहचान शुरू से वेरीफाई हो जाती है। यह प्रक्रिया पूरी तरह फ्री है और केवल कुछ दस्तावेजों की जरूरत होती है। समय पर बायोमेट्रिक अपडेट कराना न भूलें, ताकि कार्ड सक्रिय और वैध बना रहे। यहां हम इसे बनवाने का तरीका बता रहे हैं।

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बाल आधार कार्ड के लिए किसी न्यूनतम उम्र की बाध्यता नहीं है। (image-Canva)

Blue Aadhaar Card: भारत में आधार कार्ड अब हर नागरिक के लिए सबसे जरूरी पहचान दस्तावेज बन चुका है। देश की बड़ी आबादी के पास यह कार्ड मौजूद है और कई बार इसके बिना सरकारी योजनाओं, स्कूल एडमिशन, बैंकिंग और मोबाइल सिम जैसे जरूरी काम अटक जाते हैं। लेकिन छोटे बच्चों का आधार कार्ड बनवाना अब भी कई परिवारों के लिए मुश्किल भरा काम साबित होता है। खासकर नवजात या कम उम्र के बच्चों को आधार सेंटर तक ले जाना आसान नहीं होता।

इसी परेशानी को देखते हुए UIDAI ने एक नई सुविधा ब्लू आधार कार्ड (Baal Aadhaar) शुरू की है। अब छोटे बच्चों के लिए ब्लू आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गई है। इसके तहत अब आपको आधार सेंटर तक जाने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि UIDAI के अधिकारी खुद आपके घर आकर बच्चे का आधार बनवाएंगे। जानिए इस नई सुविधा का प्रोसेस और इससे जुड़ी अहम बातें।

बिना उम्र सीमा के बनता है बाल आधार

बाल आधार कार्ड के लिए किसी न्यूनतम उम्र की बाध्यता नहीं है। नवजात शिशु का भी Aadhaar कार्ड बनवाया जा सकता है। 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बायोमेट्रिक नहीं लिया जाता, केवल चेहरे की फोटो ली जाती है और माता-पिता के Aadhaar से लिंक किया जाता है।

UIDAI वेबसाइट से ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लें

आधार बनवाने के लिए सबसे पहले UIDAI की वेबसाइट पर जाएं। "My Aadhaar" टैब में जाकर "Book an Appointment" विकल्प चुनें। शहर और आधार सेवा केंद्र सेलेक्ट कर नए आधार एनरोलमेंट फॉर चाइल्ड विकल्प चुनें। मोबाइल नंबर डालें, OTP आएगा और अपॉइंटमेंट कन्फर्म हो जाएगा।

जरूरी दस्तावेजों के साथ Aadhaar सेंटर जाएं

अपॉइंटमेंट वाले दिन बच्चे और जरूरी दस्तावेज लेकर Aadhaar केंद्र पर जाएं। इसमें बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र और माता या पिता का आधार कार्ड जरूरी होता है। केंद्र पर पेरेंट्स की बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन होती है और बच्चे की फोटो खींची जाती है।

कार्ड डिलीवरी और भविष्य में बायोमेट्रिक अपडेट

एनरोलमेंट के बाद आपको एक स्लिप मिलती है, जिसमें एनरोलमेंट नंबर लिखा होता है। 60 से 90 दिनों के भीतर Aadhaar कार्ड घर पहुंच जाता है। बच्चे के 5 साल और 15 साल पूरे होने पर बायोमेट्रिक अपडेट कराना जरूरी है, ताकि Aadhaar आगे के सालों में मान्य बना रहे।

क्यों जरूरी है बाल आधार

बाल आधार कार्ड बनवाना एक स्मार्ट फैसला है, जिससे बच्चे की पहचान शुरू से वेरीफाई हो जाती है। यह प्रक्रिया पूरी तरह फ्री है और केवल कुछ दस्तावेजों की जरूरत होती है। समय पर बायोमेट्रिक अपडेट कराना न भूलें, ताकि कार्ड सक्रिय और वैध बना रहे।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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