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UPI यूजर्स को मिलने वाली है नई सुविधा, सभी ऑटोपे भुगतान एक ही ऐप में दिखेंगे

ऑटोपे के बढ़ते इस्तेमाल के साथ कई बार ग्राहकों को याद नहीं रहता कि उन्होंने किन-किन सेवाओं के लिए भुगतान की अनुमति दे रखी है। कई बार बैंक खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं होने से भुगतान फेल भी हो जाते हैं।

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UPI यूजर्स को मिलने वाली है नई सुविधा, सभी ऑटोपे भुगतान एक ही ऐप में दिखेंगे/Photo-NCPI

यूपीआई (UPI) से भुगतान करने वाले ग्राहकों के लिए जल्द ही एक नई सुविधा शुरू हो सकती है। राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ऐसा फीचर तैयार कर रहा है, जिसके आने के बाद यूजर्स अपने सभी UPI ऑटोपे भुगतान (ई-मैंडेट) को किसी भी एक यूपीआई ऐप पर एक साथ देख सकेंगे और उन्हें आसानी से ट्रैक कर पाएंगे।

अलग-अलग ऐप पर जाने की जरूरत होगी खत्म

अभी अगर किसी व्यक्ति ने बिजली बिल, पानी का बिल, ओटीटी सब्सक्रिप्शन, लोन की ईएमआई या किसी अन्य नियमित भुगतान के लिए अलग-अलग यूपीआई ऐप पर ऑटोपे सुविधा एक्टिव कर रखी है, तो उसे हर बार उसी ऐप में जाकर भुगतान की स्थिति देखनी पड़ती है। नई सुविधा लागू होने के बाद सभी ऑटोपे ई-मैंडेट एक ही जगह दिखाई देंगे। यह सुविधा उन सभी ऑटोपे भुगतान को दिखाएगी, चाहे उन्हें किसी भी यूपीआई ऐप के जरिए शुरू किया गया हो।

पेमेंट कंपनियों को बदलाव के निर्देश

रिपोर्ट के अनुसार, एनपीसीआई ने पेमेंट सर्विस देने वाली कंपनियों को इस सुविधा के लिए अपने नेटवर्क में जरूरी बदलाव करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य ग्राहकों को अपने ऑटो भुगतान पर ज्यादा नियंत्रण देना है।

डबल पेमेंट से बचने में मिलेगी मदद

नई सुविधा के बाद ग्राहक एक ही प्लेटफॉर्म पर यह देख सकेंगे कि उनके कौन-कौन से ऑटो भुगतान सक्रिय हैं और किस ऐप या सेवा के जरिए पैसे कट रहे हैं। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर यूजर अपने ऑटोपे भुगतान को दूसरे ऐप पर मैनेज कर सकेंगे। इससे वित्तीय प्रबंधन आसान होगा और गलती से दो बार भुगतान होने या अनजाने में पैसे कटने जैसी समस्याओं से बचाव हो सकेगा।

बदलाव या कैंसिलेशन के लिए पुराने ऐप की जरूरत

अगर कोई ग्राहक किसी सब्सक्रिप्शन को बंद करना चाहता है या ऑटोपे में बदलाव करना चाहता है, तो उसे उसी यूपीआई ऐप पर जाना होगा, जहां से उसने पहली बार ऑटो पेमेंट सुविधा शुरू की थी। अधिकारियों के अनुसार, नए फीचर में सभी यूपीआई ऐप ई-मैंडेट की सूची दिखाएंगे, लेकिन भुगतान से जुड़े बदलाव के लिए यूजर को संबंधित यूपीआई ऐप पर ही भेजा जाएगा।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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