Property tax saving tips: अगर आप घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह सिर्फ एक भावनात्मक निर्णय नहीं, बल्कि समझदारी से किया गया वित्तीय निवेश होता है। ऐसे में आप प्रॉपर्टी खरीदते समय कुछ खास रणनीतियों को अपनाकर लाखों रुपये की टैक्स छूट पा सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 तरीके जिनसे आप प्रॉपर्टी लेन-देन में बड़ा टैक्स लाभ उठा सकते हैं।
1. पत्नी के नाम से रजिस्ट्री और स्टाम्प ड्यूटी पर छूट
घर खरीदते समय लगने वाली स्टाम्प ड्यूटी पर धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलती है। यदि प्रॉपर्टी पति-पत्नी दोनों के नाम पर रजिस्टर्ड हो, और उसकी स्टाम्प ड्यूटी 1.50 लाख रुपये से ज्यादा हो तो यह छूट 3 लाख रुपये (पति-पत्नी का मिलाकर) तक हो सकती है।
2. होम लोन के ब्याज और मूलधन पर डबल टैक्स छूट
यदि आप होम लोन लेते हैं, तो धारा 24 के तहत सालाना 2 लाख रुपये तक के ब्याज पर और धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक के मूलधन पर टैक्स छूट मिलती है। पति-पत्नी दोनों लोन में को-बॉरोअर हों, तो यह छूट भी डबल हो सकती है।
3. एक घर बेचकर दूसरा खरीदें, तो टैक्स में बड़ी राहत
यदि आपने एक रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी बेची और उसी रकम से दूसरी रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी खरीदी, तो आयकर की धारा 54 के तहत पूंजी लाभ (Capital Gain) पर टैक्स नहीं देना होगा। यदि कोई जमीन बेचकर मकान खरीदते हैं, तो धारा 54F के तहत आंशिक राहत मिल सकती है।
4. दो साल तक प्रॉपर्टी होल्ड करें, फिर बेचें
अगर खरीदी गई प्रॉपर्टी को कम से कम 24 महीने तक अपने पास रखते हैं, तो उसे बेचने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स (LTCG) केवल 12.5% लगेगा। इससे पहले बेचने पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स स्लैब के हिसाब से अधिक देना पड़ सकता है।
5. होम लोन लेकर अपनी पूंजी से ज्यादा रिटर्न पाएं
अगर आपके पास पर्याप्त फंड है, तब भी 8-8.5% की दर से होम लोन लेना फायदेमंद हो सकता है। आपकी पूंजी को आप म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार या अन्य हाई रिटर्न वाले विकल्पों में लगाकर 10-15% सालाना रिटर्न पा सकते हैं। हालांकि, ये तरीके रिस्की होते हैं, ऐसे में सावधानीपूर्वक निवेश करें।
बोनस टिप्स
रियल एस्टेट में निवेश करते समय सही टैक्स प्लानिंग से आप न केवल अपना खर्च कम कर सकते हैं, बल्कि अपनी संपत्ति पर बेहतर रिटर्न भी हासिल कर सकते हैं। पत्नी को को-ओनर बनाना और होम लोन की मदद से निवेश करना इस दिशा में समझदारी भरा कदम हो सकता है।
