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Rate of Pulses: थोक बाजार में दाल की कीमतें कम, लेकिन दुकानों पर नहीं घटे दाम, अब सरकार ने दी चेतावनी

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jul 17, 2024, 10:03 AM IST

Rate of Pulses: पिछले एक महीने में प्रमुख मंडियों में चना, तुअर और उड़द की कीमतों में चार प्रतिशत तक की गिरावट आई है, लेकिन खुदरा कीमतों में ऐसी कोई गिरावट नहीं देखी गई है। सरकार ने प्रमुख खरीफ दलहन उत्पादक राज्यों में अरहर और उड़द के उत्पादन को बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए हैं।

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दाल की कीमतें

Rate of Pulses: सरकार ने कहा है कि पिछले एक महीने में प्रमुख थोक बाजारों में लगभग चार प्रतिशत की गिरावट के अनुपात में अरहर, उड़द और चना दालों की खुदरा कीमतों में गिरावट नहीं आई है। ऐसे में सरकार ने खुदरा विक्रेताओं से उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के लिए उचित लाभ मार्जिन वसूलने को कहा है। सरकार ने चेतावनी दी है कि वह बाजार खिलाड़ियों द्वारा सट्टेबाजी और मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।

रिटेलर्स एसोसिएशन के साथ चर्चा

मंगलवार को उपभोक्ता मामलों के विभाग ने दालों के मूल्य परिदृश्य पर चर्चा करने के लिए रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (RAI) के साथ एक बैठक आयोजित की। उपभोक्ता मामलों के विभाग की सचिव निधि खरे की अध्यक्षता में हुई बैठक में अरहर और चने के लिए स्टॉक सीमा के अनुपालन की भी समीक्षा की गई। बैठक में आरएआई, रिलायंस रिटेल, डी-मार्ट, टाटा स्टोर्स, स्पेंसर, आरएसपीजी और वी-मार्ट के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आरएआई के 2,300 से अधिक सदस्य हैं, तथा देशभर में इसकी 6,00,000 से अधिक खुदरा दुकानें हैं।

चार फीसदी तक गिरावट

एक सरकारी बयान के अनुसार, सचिव ने सूचित किया कि पिछले एक महीने में प्रमुख मंडियों में चना, तुअर और उड़द की कीमतों में चार प्रतिशत तक की गिरावट आई है, लेकिन खुदरा कीमतों में ऐसी कोई गिरावट नहीं देखी गई है। बयान में कहा गया है कि उन्होंने थोक मंडी कीमतों और खुदरा कीमतों के बीच भिन्न प्रवृत्तियों की ओर इशारा किया, जिससे लगता है कि खुदरा विक्रेताओं को अधिक लाभ मार्जिन मिल रहा है।

रिटेलर्स कम करेंगे मार्जिन

वर्तमान मूल्य परिदृश्य और खरीफ फसल के उत्पादन को ध्यान में रखते हुए खरे ने खुदरा उद्योग से दालों की कीमतों को उपभोक्ताओं के लिए किफायती बनाए रखने के सरकार के प्रयासों में हरसंभव सहायता प्रदान करने को कहा। बयान में कहा गया है कि खुदरा उद्योग के प्रतिभागियों ने भरोसा दिया कि वे अपने खुदरा मार्जिन में आवश्यक समायोजन करेंगे और उपभोक्ताओं को किफायती कीमतों पर कीमतें उपलब्ध कराने के लिए इसे नाममात्र के स्तर पर बनाए रखेंगे।

खरे ने जोर देकर कहा कि बड़ी श्रृंखला के खुदरा विक्रेताओं सहित भंडारण करने वाली सभी इकाइयों की स्टॉक स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निर्धारित सीमाओं का उल्लंघन न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि स्टॉक सीमा का उल्लंघन, बेईमानी से सट्टेबाजी और बाजार कारोबारियों की ओर से मुनाफाखोरी के लिए सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी।

खरीफ मौसम में दालों की बुवाई

खरे ने इस बात का उल्लेख किया चालू खरीफ मौसम में दालों की बुवाई का काम मजबूत है। सरकार ने प्रमुख खरीफ दलहन उत्पादक राज्यों में अरहर और उड़द के उत्पादन को बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए हैं, इसके अलावा नेफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले बीज वितरित किए हैं। केंद्र का कृषि विभाग सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए राज्य कृषि विभागों के साथ निरंतर संपर्क में है। (भाषा)

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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