Essential Medicines: नेशनल फार्मास्युटिकलप प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने दर्द निवारक से लेकर एंटीबायोटिक 800 आवश्यक दवाइयों की कीमतों में 0.0055 फीसदी की बढ़ोतरी की सिफारिश की है। NPPA मुद्रास्फीति के थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आधार पर मूल्य संशोधन की सिफारिश करता है। 800 दवाइयां आवश्यक दवाइयों (NLEM) की लिस्ट का हिस्सा हैं। एनपीपीए ने 2022 में एनएलईएम कीमतों में 10 फीसदी बढ़ोतरी की सिफारिश की थी।
कौन सी दवाएं एनएलईएम का हिस्सा हैं?
एनएलईएम सूची में शामिल दवाइयों में पेरासिटामोल और एंटीबायोटिक्स, विटामिन और मिनिरल्स शामिल हैं। 0.0055 फीसदी की बढ़ोतरी उद्योग लॉबी समूहों द्वारा मांगी गई शेड्यूल फॉर्मूलेशन दवाओं की कीमत में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी के करीब भी नहीं है। उद्योग ने गैर-अनुसूचित दवा फॉर्मूलेशन की कीमत में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की भी मांग की।
इनपुट लागत में हो रहा इजाफा
फार्मा उद्योग बढ़ती इनपुट लागत का हवाला देते हुए कीमतों में भारी बढ़ोतरी की वकालत कर रहा है, जिसमें पिछले कुछ वर्षों में 15-130 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। ईटी ने मामले से परिचित लोगों का हवाला देते हुए बताया कि इसमें पेरासिटामोल के लिए इनपुट की कीमत में 130 प्रतिशत की बढ़ोतरी और सहायक पदार्थों की लागत में 18-26 प्रतिशत की बढ़ोतरी शामिल है।
आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची क्या है?
आवश्यक दवाइयों की राष्ट्रीय सूची (NELM) में 800 दवाएं शामिल हैं। यह सूची अस्पतालों के लिए अपनी खरीद नीति तय करने के लिए महत्वपूर्ण है। एनएलईएम दवा के नुस्खे के लिए सही खुराक और ताकत के बारे में विवरण भी प्रदान करता है। सरकार ने आखिरी आधिकारिक एनएलईएम 2022 में जारी किया था। यह एनएलईएम का 5वां संस्करण था। पहली सूची 1996 में प्रकाशित हुई थी और बाद में 2003, 2011 और 2022 में संशोधित की गई थी। सरकार ने 2022 में 26 दवाओं को सूची से हटा दिया।
