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LTCG: इस तारीख के बाद खरीदे गए घर पर नहीं मिलेगा इंडेक्सेशन का लाभ, क्या हैं दोनों ऑप्शन

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Aug 20, 2024, 02:25 PM IST

LTCG and Indexation: सरकार ने इसमें बाद में संशोधन किया और लोगों के सामने दो विकल्प रखे हैं। इंडेक्सेशन बेनिफिट घर के मालिकों को मुद्रास्फीति को ध्यान में रखते हुए अपनी संपत्ति की लागत बढ़ाने की अनुमति देते हैं। जिससे नेट प्रॉफिट कम हो जाता है और टैक्स की देनदारी घट जाती है।

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लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन और इंडेक्सेशन।

Photo : iStock

LTCG and Indexation: बजट 2024 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) पर टैक्स की दर 20 फीसदी से घटाकर 12.5 फीसदी करने का ऐलान किया था। इसमें से इंडेक्सेशन का लाभ हटा दिया गया। हालांकि, सरकार ने इसमें बाद में संशोधन किया और लोगों के सामने दो विकल्प रखे हैं। संशोधन के बाद टैक्सपेयर्स को 23 जुलाई, 2024 से पहले खरीदी गई प्रॉपर्टी के लिए इंडेक्सेशन के बिना 12.5 फीसदी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स और इंडेक्सेशन के साथ 20 फीसदी की दर से टैक्स भुगतान करने का ऑप्शन होगा।

इंडेक्सेशन का ऑप्शन

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन में हुए बदलाव में ध्यान देने वाली अहम बात यह है कि 23 जुलाई 2024 से पहले खरीदी गई संपत्ति के लिए ही दो विकल्प मिलेंगे। यानी अगर आप इस तारीख के बाद प्रॉपर्टी खरीदते हैं, तो इंडेक्सेशन का लाभ नहीं मिलेगा। अगर किसी ने 23 जुलाई 2024 से पहले प्रॉपर्टी खरीदी है, तो उसके पास इंडेक्सेशन के साथ 20 फीसदी या इंडेक्सेशन के बिना 12.5 फीसदी के LTCG टैक्स के बीच चयन करने का विकल्प उपलब्ध होगा।

इंडेक्सेशन बेनिफिट

इंडेक्सेशन बेनिफिट घर के मालिकों को मुद्रास्फीति को ध्यान में रखते हुए अपनी संपत्ति की लागत बढ़ाने की अनुमति देते हैं। जिससे नेट प्रॉफिट कम हो जाता है और घर के मालिक को बिक्री के समय कम टैक्स का भुगतान करना पड़ता है। हालांकि, अब यह बेनिफिट 23 जुलाई के बाद प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए उपलब्ध नहीं है।

कब होती है टैक्स की देनदारी

टैक्स तभी लागू होता है जब मुनाफे को घर में फिर से निवेश नहीं किया जाता है। यदि आप एक घर बेचते हैं और केवल लाभ का उपयोग करके एक घर खरीदते हैं, तो कोई टैक्स नहीं है। रेसिडेंशियल घर की बिक्री पर कोई भी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स नहीं है, अगर इससे होने वाले मुनाफे को फिर से आवासीय प्रॉपर्टी में फिर से निवेश किया जाता है। यह धारा 54 में बताई गई कुछ शर्तों को पूरा करने के अधीन है।

रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी 24 महीने से ज्यादा समय तक रखने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन की कैटेगरी में आ जाती है। अगर इसे समय से पहले बेचा जाता है, तो लाभ को शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स की कैटेगरी में शामिल किया जाता है। धारा 54 के तहत कटौती केवल आवासीय घर बेचने के मामले में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लागू होता है।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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