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एक चूक और उड़ान पर लग जाएगा 'फुल स्टॉप'! इन गलतियों की वजह से लगता है 'फ्लाइंग बैन'

No Fly List: क्या आप जानते हैं भारत में हवाई यात्रा के दौरान अनुशासनहीन व्यवहार या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करना आपको 'नो फ्लाई लिस्ट' में डाल सकता है। यानी एक तय समय तक आपके लिए किसी भी उड़ान में यात्रा करना बैन हो सकता है।

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किन गलतियों की वजह से बंद हो सकते हैं हवाई सफर के दरवाजे (Photo: AI Generated)

No Fly List: क्या आप जानते हैं हवाई यात्रा करने के दौरान आपकी एक गलती आपके लिए आसमान के इस सफर का दरवाजा बंद कर सकती है। जी हां, हवाई यात्रा को सुरक्षित और अनुशासित बनाए रखने के लिए भारत में No-Fly List का प्रावधान किया गया है। यह नियम Directorate General of Civil Aviation (DGCA) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत लागू किया गया है। इस सूची में शामिल व्यक्ति को एक निश्चित अवधि तक किसी भी विमान में यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाती। No-Fly List क्या है और किन लोगों को इस लिस्ट में डाला जाता है ये सभी जानकारियां इस आर्टिकल में देने की कोशिश कर रहे हैं-

No-Fly List क्या है?

सबसे पहले तो यही समझें कि No-Fly List उन यात्रियों की लिस्ट होती है, जिन्होंने उड़ान के दौरान ऐसा व्यवहार किया हो जिससे अन्य यात्रियों, क्रू मेंबर्स या विमान की सुरक्षा को खतरा पहुंचा हो। यह व्यवस्था 2017 में एक विवादित घटना के बाद औपचारिक रूप से लागू की गई थी, ताकि विमान में अनुशासन बनाए रखा जा सके।

No-Fly List में कब ऐड किया जाता है

DGCA ने यात्रियों के अनुचित व्यवहार को तीन कैटेगरी में बांटा है-

Level 1 – असंयमित व्यवहार (Unruly Behavior)

इस तरह के व्यवहार में क्रू से बहस करना, निर्देशों का पालन न करना या दूसरों को परेशान करना शामिल किया जाता है। ऐसे मामलों में आमतौर पर 3 महीने तक प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

Level 2 – शारीरिक दुर्व्यवहार (Physically Abusive)

अगर कोई यात्री धक्का-मुक्की या धमकी देता है तो उस पर 6 महीने तक का प्रतिबंध लग सकता है।

Level 3 – जानलेवा या गंभीर खतरा (Life-Threatening Behavior)

अगर यात्री विमान या यात्रियों की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डालता है तो उस पर 2 साल या उससे अधिक समय के लिए प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

प्रक्रिया कैसे काम करती है?

किसी घटना के बाद संबंधित एयरलाइन एक आंतरिक समिति बनाती है, जो मामले की जांच करती है। यात्री को भी अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है। जांच के आधार पर प्रतिबंध की अवधि तय की जाती है। एक बार No-Fly List में नाम आने पर अन्य भारतीय एयरलाइंस भी उस प्रतिबंध का पालन करती हैं।

क्यों जरूरी है यह नियम?

No-Fly List का उद्देश्य सख्ती दिखाना नहीं, बल्कि हवाई यात्रा को सुरक्षित बनाना है। विमान के भीतर छोटी सी गलती भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए यात्रियों के अनुशासित व्यवहार को सुनिश्चित करने के लिए यह नियम अत्यंत महत्वपूर्ण है

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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