New NPS Rule From April 1: एक अप्रैल यानी आज से नेशनल पेंशन सिस्टम और अधिक सुरक्षित हो गया है। पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने एक नई सिक्योरिटी लेयर टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन लगाकर NPS की सिक्योरिटी को पहले से और अधिक मजबूत कर दिया है। अब NPS अकाउंट में लॉग इन करने वाले सभी पासवर्ड-आधारित यूजर्स के लिए यह अनिवार्य होगा। सीआरए सिस्टम एक अप्रैल, 2024 से शुरू हो गया है। पीएफआरडीए ने 15 मार्च, 2024 को जारी एक सर्कुलर के जरिए इसकी घोषणा की थी। पीएफआरडीए एनपीएस को नियंत्रित करता है।
आधार-बेस्ड लॉग-इन ऑथेंटिकेशन
सर्कुलर के अनुसार, NPS केंद्रीय रिकॉर्ड-कीपिंग एजेंसी या CRA सिस्टम को टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन के जरिए आसान बनाने के लिए आधार-आधारित लॉग-इन ऑथेंटिकेशन को मौजूदा यूजर आईडी और पासवर्ड-बेस्ड लॉगिन प्रोसेस के साथ एकीकृत किया जाएगा। पीएफआरडीए के सर्कुलर के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकारों के तहत उनके संबद्ध स्वायत्त निकायों सहित नोडल ऑफिस पहले एनपीएस लेनदेन के लिए केंद्रीय रिकॉर्डकीपिंग एजेंसी (सीआरए) तक पहुंचने के लिए पासवर्ड-आधारित लॉगिन का उपयोग करते थे।
आधार-आधारित लॉग-इन ऑथेंटिकेशन का एकीकरण ओवरऑल ऑथेंटिकेशन और लॉगिन ढांचे को मजबूत करने के लिए एक एक्टिव कदम है। इसे सरकारी ऑफिस और स्वायत्त निकायों द्वारा की जाने वाली सभी एनपीएस गतिविधियों के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।
गलत पासवर्ड पर लॉक हो जाएगा अकाउंट
पीएफआरडीए के अनुसार, आधार बेस्ड लॉग-इन वेरिफिकेशन को एनपीएस सदस्य के यूजर आईडी से जोड़ा जाएगा। इसके बाद आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी दर्ज करने के बाद एनपीएस खाते में लॉग इन किया जा सकेगा। बता दें कि लॉग-इन प्रक्रिया के दौरान पांच बार गलत पासवर्ड दर्ज करने पर खाता लॉक हो जाएगा। दोबारा शुरू करने के लिए फिर से नया पासवर्ड बनाना होगा।
