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Train Ticket Cancellation: एक घंटे में मिल जाएगा टिकट कैंसिल का पैसा, रेलवे का ये है मेगा प्लान

Train Ticket Cancellation: रिफंड का प्रोसेस इस वजह से स्लो है, क्योंकि आईआरसीटीसी पहले रिफंड का पैसा बैंक को भेजता है और फिर इसे आपके खाते में ट्रांसफर किया जाता है। आईआरसीटीसी रिफंड सेवा को तेज बनाने के लिए सेंट्रल रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम के साथ मिलकर काम कर रहा है।

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IRCTC train ticket cancellation

Train Ticket Cancellation: कई बार आईआरसीटीसी की वेबसाइट या ऐप से ट्रेन टिकट बुक करने पर टिकट तो बुक नहीं होता, लेकिन पैसे कट जाते हैं। परेशानी तब और बढ़ जाती है जब पैसा 2 से 3 दिनों में खाते में वापस नहीं आ पाता। रेल यात्रियों की इन समस्याओं को लेकर आईआरसीटीसी की ओर से कुछ अच्छी खबर मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स से पता चलता है कि आईआरसीटीसी रिफंड सेवा को तेज बनाने के लिए सेंट्रल रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम के साथ काम कर रहा है। यह सेवा यूजर्स को केवल 1 घंटे में टिकट रिफंड का पैसा वापस पाने में सक्षम बनाएगी।

इस सर्विस के लागू होने के बाद जो लोग अपना टिकट कैंसिल कराएंगे या फिर टिकट बुक नहीं होने पर भी खाते से कटने वाले पैसे 1 एक घंटे भीतर वापस मिल जाएंगे। फिलहाल रिफंड का पैसा बैंक/कार्ड/खाते में जमा होने में आम तौर पर 2-3 दिन लग जाते हैं।

क्यों स्लो है रिफंड प्रोसेस

रिफंड का प्रोसेस इस वजह से स्लो है, क्योंकि आईआरसीटीसी पहले रिफंड का पैसा बैंक को भेजता है और फिर इसे आपके खाते में ट्रांसफर किया जाता है। रेलवे अथॉरिटी इस सिस्टम को बदलने पर काम कर रही है। आईआरसीटीसी और सेंट्रल रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम की टीम इस सर्विस को बेहतर बनाने और रिफंड सिस्टम को बढ़ाने की कोशिश कर रही है। आईआरसीटीसी कैंसिलेशन शुल्क और रिफंड नियम के माध्यम से बुक किए गए ई-टिकट को ऑनलाइन रद्द किया जा सकता है।

कैंसिलेशन चार्ज

ट्रेन के प्रस्थान से 48 घंटे पहले कैंसिलेशन शुल्क में एसी फर्स्ट क्लास/एग्जीक्यूटिव क्लास के लिए 240 रुपये, एसी 2 टियर/फर्स्ट क्लास के लिए 200 रुपये, एसी 3 टियर/एसी चेयर कार/एसी 3 इकोनॉमी के लिए 180 रुपये की कटौती की जाती है। स्लीपर क्लास के लिए 120 रुपये और सेकेंड क्लास के लिए 60 रुपये कैंसिलेशन चार्ज के रूप में लगता है।

ट्रेन के तय प्रस्थान समय से 48 घंटे के भीतर और 12 घंटे पहले तक टिकट कैंसिलेशन शुल्क न्यूनतम फ्लैट दर के अधीन टिकट किराये का 25 फीसदी काटा जाएगा। सबसे जरूरी बात यह है कि चार्ट तैयार होने के बाद ई-टिकट रद्द नहीं किया जा सकता है। उपयोगकर्ताओं से अनुरोध है कि वे ऐसे मामलों के लिए ऑनलाइन टीडीआर फाइलिंग का उपयोग करें और आईआरसीटीसी द्वारा प्रदान की गई ट्रैकिंग सेवा के माध्यम से रिफंड के स्टेटस को ट्रैक करें।

TNN Business Desk
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