Indian Railways luggage rules: भारतीय रेलवे अब यात्रियों की ‘ओवरलोडेड’ यात्रा शैली पर लगाम लगाने के मूड में है। ट्रेन में ट्रॉली बैग, अनाज के बोरे, बक्से और बड़े-बड़े घरेलू सामान के साथ चढ़ने वाले यात्रियों की अब खैर नहीं। रेलवे तय फ्री अलाउंस से अधिक सामान लेकर चलने वालों पर लगेज बुकिंग दर का छह गुना जुर्माना लगाने की तैयारी कर रहा है।
कभी AC कोच में अनाज, कभी स्लीपर में बड़ा बक्सा
रेल यात्रा अब आराम और सुविधा की बजाय बोझिल होती जा रही है। यात्री न सिर्फ अपने साथ 2-3 बड़े ट्रॉली बैग लेकर चढ़ते हैं, बल्कि कई बार तो बोरियों में अनाज, घर का फर्नीचर, एलईडी, बर्तन और यहां तक कि दुकानों का सामान भी ट्रेन में भरकर ले आते हैं। इससे न सिर्फ fellow यात्रियों को परेशानी होती है, बल्कि सुरक्षा और जगह की भारी किल्लत हो जाती है।
रेलवे के नियम क्या कहते हैं?
रेलवे हर यात्री को उसके क्लास के अनुसार फ्री लगेज अलाउंस देता है।
जैसे कि –
- AC First Class: 70 किलो तक
- AC 2-tier/3-tier: 40-50 किलो
- स्लीपर क्लास: 40 किलो
- सेकेंड क्लास: 35 किलो
क्या होता है यदि नियम तोड़े जाएं?
अगर चेकिंग के दौरान बिना बुकिंग के भारी सामान के साथ पकड़े गए, तो आपको लगेज चार्ज का 6 गुना तक जुर्माना देना होगा। कई मामलों में आपका सामान ट्रेन से उतार भी दिया जा सकता है।
लोगों की मनमानी, बाकी यात्रियों की परेशानी
यात्रा के दौरान एक आम दृश्य है कि लोग एक से ज़्यादा भारी बैग, गैस चूल्हा, सिलेंडर, इलेक्ट्रॉनिक्स, अनाज की बोरियां, यहां तक कि व्यवसायिक सामान लेकर भी ट्रेन में चढ़ते हैं। इससे न सिर्फ जगह की कमी होती है, बल्कि कई बार रास्ता तक ब्लॉक हो जाता है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों को भारी दिक्कत होती है।
सामान चोरी हुआ या नुकसान हुआ तो?
बुक किया हुआ सामान अगर चोरी हो जाता है या डैमेज होता है, तो रेलवे 100 रुपये प्रति किलो तक मुआवजा देता है अगर आपने सामान का मूल्य पहले से घोषित नहीं किया है। मूल्य घोषित करने और चार्ज भरने पर पूरी लागत का मुआवजा भी मिल सकता है।
रेलवे की अपील: सफर को सफर ही रहने दें, मालभाड़ा मत बनाएं
रेलवे का साफ कहना है कि यात्री नियमों का पालन करें। सामान को बुक कराएं, फ्री अलाउंस का ध्यान रखें, और ट्रेन को ट्रक न समझें। इससे सफर भी सुहाना रहेगा और fellow यात्रियों को भी परेशानी नहीं होगी
