Indian Railways IRCTC Confirm Train Ticket Rules: रेल सफर के लिए जब आप टिकट बुक करते हैं, तब हर बार जरूरी नहीं कि सीट कन्फर्म ही हो जाए। कन्फर्म टिकट की आस में और मजबूरी में लोग वेटिंग टिकट ले लेते हैं। पर क्या आपको पता है कितनी वेटिंग तक एक रेल टिकट के कन्फर्म होने की संभावना रहती है। आइए, जानते हैं इसी बारे में:
मौजूदा समय के हिसाब से बात करें तो यह फेस्टिव टाइम है। दिवाली और छठ सरीखे पर्वों के मद्देनजर यूपी और बिहार की ओर दिल्ली और अन्य लोकेशंस से जाने वाली ट्रेनों में फिलहाल 200 से 250 वेटिंग तक चल रही है। ऐसे में यह कैसे स्पष्ट होगा या पता चलेगा कि कितनी वेटिंग पर टिकट कन्फर्म हो जाएगा? सीधा जवाब है- इस बात का सटीक जवाब किसी के पास नहीं है। आप मोटा-मोटी अंदाजा जरूर लगा सकते हैं, पर वह भी गलत साबित हो सकता है।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (भारतीय रेल)
ऐसा इसलिए, क्योंकि वेटिंग टिकट के कन्फर्म में तब्दील होने के पीछे कई पैमाने, चरण और वजहें होती हैं। मसलन यह चीज किसी रेलगाड़ी और उसके रूट पर बुनियादी तौर पर निर्भर करती है। डेली रूटीन (रोज चलने वाली) वाली लंबे रूट की ट्रेन में 60-70 वेटिंग पर टिकट के कन्फर्म होने की संभावना रहती है।
चूंकि, त्यौहारों में सबकी घर जाने की ख्वाहिश होती है। ऐसे में लोग महीनों पहले से प्रमुख त्यौहारों के लिए टिकट बुक करा लेते हैं। आने और जाने की, पर इन्हीं लोगों में कई लोग जरूरी काम या फिर परिस्थितियों के चलते उन्हें ऐन मौके पर कैंसल करा लेते हैं। नतीजतन वेटिंग वालों की टिकट कन्फर्म होने की संभावना रहती है।
इस चीज को और सरल तरीके से समझने का प्रयास करें तो मान लें कि एक लंबे रूट की गाड़ी है। वह 36 से 40 घंटे के बीच अपना सफर पूरा करती है। साथ ही उसमें बोगियां भी अधिक हैं। ऐसे में उसमें 60 से 70 वेटिंग पर टिकट कन्फर्म होने की उम्मीद जताई जा सकती है। हालांकि, यह संख्या समय और परिस्थितियों के हिसाब से ऊपर और नीचे हो सकती है। आप अपनी ट्रेन में टिकट के पक्का होने की संभावना को पीएनआर नंबर के जरिए चेक कर सकेंगे।
