यूटिलिटी

थर्ड AC के टिकट से फर्स्ट AC में करें सफर! रेलवे का यह नियम जान लेंगे तो मौज ही मौज

Train Auto Upgradation Scheme: अगली बार जब आप थर्ड एसी में टिकट बुक करें, तो इस छोटे से विकल्प पर टिक करना न भूलें। क्योंकि यह आपकी यात्रा और भी आरामदायक बना सकती है। यहां हम डीटेल में इस प्लान के बारे में आपको बता रहे हैं।

Image

Train Auto Upgradation Scheme

Train Auto Upgradation Scheme: भारत में रोजाना लाखों-करोड़ों लोग ट्रेन से सफर करते हैं, और अधिकतर यात्री एसी या स्लीपर कोच में रिजर्वेशन करवा कर यात्रा करते हैं। लेकिन बहुत कम लोगों को पता होता है कि अगर आपने थर्ड एसी में टिकट बुक करवाई है, तो कुछ खास परिस्थितियों में आपकी सीट अपग्रेड होकर फर्स्ट एसी में बदल सकती है, और इसके लिए आपको एक रुपये भी अलग से खर्च नहीं करना होगा। चलिए जानते हैं रेलवे का यह नियम।

ऑटोमैटिक अपग्रेडेशन स्कीम

रेलवे की इस सुविधा को ऑटोमैटिक अपग्रेडेशन स्कीम कहा जाता है। इस स्कीम के तहत, यदि आपकी बुक की गई थर्ड एसी टिकट आरएसी (RAC) में है और ट्रेन के चलने से पहले फर्स्ट एसी में सीटें खाली हैं, तो सिस्टम खुद-ब-खुद आपकी टिकट फर्स्ट एसी में अपग्रेड कर सकता है।

हालांकि, यह सुविधा तभी लागू होती है जब आपने टिकट बुकिंग के समय “Consider for Auto Upgradation” वाले विकल्प को चुना हो। इस विकल्प पर टिक किए बिना आपको इस सुविधा का फायदा नहीं मिलेगा।

ध्यान देने वाली बात यह भी है कि केवल कंफर्म या आरएसी टिकटों को ही अपग्रेड किया जाता है। यदि आपकी टिकट वेटिंग लिस्ट में है, तो आपको इस सुविधा का फायदा नहीं मिलेगा।

अपग्रेडेशन की स्थिति में यात्रियों को रेलवे की ओर से एक SMS या ईमेल के माध्यम से सूचना दी जाती है, ताकि वे नई बर्थ और कोच की जानकारी समय रहते जान सकें। तो अगली बार जब आप थर्ड एसी में टिकट बुक करें, तो इस छोटे से विकल्प पर टिक करना न भूलें। क्या पता आपकी यात्रा और भी आरामदायक बन जाए।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

और पढ़ें
End of Article