How To Protect Your Child From Watching Porn: आज की पीढ़ी पूरी तरह टेक सैवी है और ग्राउंड से ज्यादा इस जनरेशन के बच्चे मोबाइल पर अपना समय बिताते हैं। ये बच्चों के लिए नुकसानदायक है और ग्राउंड पर ना खेलने की वजह से उनका शारीरिक विकास भी प्रभावित हो रहा है। पहले से ये समस्या परिजनों के सामने है और लंबे समय से नाबालिग बच्चों में पॉर्न देखने का चलन भी काफी बढ़ गया है। भारत सरकार ने भले ही पॉर्न साइट्स पर बैन लगाया हुआ है, लेकिन ये बच्चे चुटकियों में इसका तोड़ निकाल लेते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं उन पैंतरों के बारे में जिससे आप अपने बच्चों को पॉर्न देखने से रोक सकते हैं।
क्या करना होगा?
सबसे पहले आपको फोन की सेटिंग में जाना होगा, सेटिंग में पहुंचकर आपको प्राइवेट डीएनएस सर्च करना होगा। टैप करने पर आपको प्राइवेट डीएनएस शो करेगा, उस पर फिर टैप करें, इसके बाद ऑटोमैटिक प्राइवेट डीएनएस पर क्लिक करना होगा। यहां आपको प्राइवेट डीएनएस क्रिएट करना होगा जिसके लिए लिखना होगा फैमिली.एडगार्ड-डीएनएस.कॉम और इसे सेव करना होगा। इसे सेव कर देने के बाद आपके बच्चे या आपके फोन में किसी भी तरह का एडल्ट कंटेंट यानी पॉर्न या सॉफ्ट पॉर्न नहीं चलेगा।
13 से 17 साल के बच्चे शामिल
एक स्टडी में सामने आया है कि दुनिया भर में 13 से 17 साल के बच्चे सबसे ज्यादा पॉर्न यानी 18 प्लस कंटेंट देखते हैं। अपने बच्चे को पॉर्न देखने से रोकने के लिए आप ऐप्स का सहारा भी ले सकते हैं। बार्क और ऑरा नाम की कुछ ऐप्स हैं जिन्हें आपको अपने बच्चे और खुदके स्मार्टफोन में इंस्टॉल करना होता है। ये ऐप्स ना सिर्फ फोन में पॉर्न को चलने से रोकते हैं, बल्कि किसी भी समय आप अपने बच्चे के फोन में होने वाली किसी भी गतिविधी को मॉनिटर भी कर सकते हैं।
