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अपने बच्चे को पॉर्न देखने से बचाने के लिए अपनाएं ये पैंतरे, मिलेगी पल-पल की खबर

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Jul 7, 2023, 05:38 PM IST

बच्चों के बीच उम्र से पहले ही अडल्ट कंटेट देखने का चलन बहुत तेजी से बढ़ा है और इसमें 13 से 17 साल के नाबालिग बच्चे शामिल होते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कैसे आप अपने बच्चे को पॉर्न देखने से बचा सकते हैं।

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सरकार ने भले ही पॉर्न साइट्स पर बैन लगाया हुआ है, लेकिन ये बच्चे चुटकियों में इसका तोड़ निकाल लेते हैं।

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KEY HIGHLIGHTS
  • पॉर्न देखने से अपने बच्चे को कैसे रोकें
  • चंद उपाय और हो जाएगा काम पक्का
  • आपको मिलती रहेगी पल-पल की खबर

How To Protect Your Child From Watching Porn: आज की पीढ़ी पूरी तरह टेक सैवी है और ग्राउंड से ज्यादा इस जनरेशन के बच्चे मोबाइल पर अपना समय बिताते हैं। ये बच्चों के लिए नुकसानदायक है और ग्राउंड पर ना खेलने की वजह से उनका शारीरिक विकास भी प्रभावित हो रहा है। पहले से ये समस्या परिजनों के सामने है और लंबे समय से नाबालिग बच्चों में पॉर्न देखने का चलन भी काफी बढ़ गया है। भारत सरकार ने भले ही पॉर्न साइट्स पर बैन लगाया हुआ है, लेकिन ये बच्चे चुटकियों में इसका तोड़ निकाल लेते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं उन पैंतरों के बारे में जिससे आप अपने बच्चों को पॉर्न देखने से रोक सकते हैं।

क्या करना होगा?

सबसे पहले आपको फोन की सेटिंग में जाना होगा, सेटिंग में पहुंचकर आपको प्राइवेट डीएनएस सर्च करना होगा। टैप करने पर आपको प्राइवेट डीएनएस शो करेगा, उस पर फिर टैप करें, इसके बाद ऑटोमैटिक प्राइवेट डीएनएस पर क्लिक करना होगा। यहां आपको प्राइवेट डीएनएस क्रिएट करना होगा जिसके लिए लिखना होगा फैमिली.एडगार्ड-डीएनएस.कॉम और इसे सेव करना होगा। इसे सेव कर देने के बाद आपके बच्चे या आपके फोन में किसी भी तरह का एडल्ट कंटेंट यानी पॉर्न या सॉफ्ट पॉर्न नहीं चलेगा।

13 से 17 साल के बच्चे शामिल

एक स्टडी में सामने आया है कि दुनिया भर में 13 से 17 साल के बच्चे सबसे ज्यादा पॉर्न यानी 18 प्लस कंटेंट देखते हैं। अपने बच्चे को पॉर्न देखने से रोकने के लिए आप ऐप्स का सहारा भी ले सकते हैं। बार्क और ऑरा नाम की कुछ ऐप्स हैं जिन्हें आपको अपने बच्चे और खुदके स्मार्टफोन में इंस्टॉल करना होता है। ये ऐप्स ना सिर्फ फोन में पॉर्न को चलने से रोकते हैं, बल्कि किसी भी समय आप अपने बच्चे के फोन में होने वाली किसी भी गतिविधी को मॉनिटर भी कर सकते हैं।

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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