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अंडे असली हैं या प्लास्टिक के? इन तरीकों से जान सकते हैं आप, अगर खा लिए गलत Egg तो पहुंच जाएंगे अस्पताल!

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Nov 6, 2022, 08:59 PM IST

बाजार में बिक रहे अंडों को लेकर कई दावे होते रहे हैं। पहले तो सिर्फ ये डर रहता था कि अंडे अच्छे हैं या खराब, सड़े हुए तो नहीं है, लेकिन अब दावा है कि बाजार में प्लास्टिक के भी अंडे आने लगे हैं। ये अंडे चीन से भारत में एक्सपोर्ट होकर आते हैं।

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बाजारों में बिक रहे प्लास्टिक के अंडे

सर्दी का मौसम आते ही देश में अंडों की खपत बढ़ने लगती है। मांसाहारी तो मांसाहारी कुछ शाकाहारी परिवार भी जो अंडे को नॉनवेज नहीं मानते हैं, इस मौसम में खूब अंडे खाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है, बाजारों में इस समय नकली अंडे भी बिकते हैं, प्लास्टिक के।

सेहत के लिए नुकसानदेह

प्लास्टिक के ये अंडे खाने से सेहत तो बिलकुल नहीं बनती बल्कि और खराब हो जाती है। हाल ये हो जाता है कि लगातार सेवन से लोग बीमार भी पड़ जाते हैं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल तक जाना पड़ जाता है।

कहां से आते हैं ये अंडे

ये अंडे प्लास्टिक से, चीन की फैक्ट्रियों में तैयार किए जाते हैं। देखने में ये बिलकुल असली अंडे की तरह होते हैं। चीन इन अंडों को सही अडों के साथ मिक्स करके एक्सपोर्ट कर देता है। जिससे बिना पकड़ाए ये अंडे भारत की बाजारों में पहुंच जाते हैं। कुछ लालची व्यापारी ज्यादा मुनाफे के चक्कर में जानबुझकर भी ये अंडे भारत ले आते हैं।

क्या है पहचान

प्लास्टिक के अंडों की पहचान करना आसान काम नहीं है। अगर इसे अन्य अंडों के साथ मिक्स करके रख दिया जाए तो शायद ही इसे पकड़ा जा सकता है। इसे पहचाने के लिए अंडों को गौर से देखना आवश्यक है। असली अंडा, जहां चिकना होता है, वहीं नकली अंडा खुरदरा होता है। साथ ही अंडे के अंदर का पीला भाग भी ज्यादा गहरे रंग का होता है। नकली अंडे का सफेद वाला हिस्सा, उबालने के बाद हार्ड रहता है, जबकि असली वाला मुलायम।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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