Poha: आज की इस जिंदगी में हर चीज में मिलावट (Adulteration) है। यहां तक की मिलावटखोरों ने खाने की चीजों में भी मिलावट कर रखी है। आज हम बात करेंगे पोहा (Poha) की, जिसे लोग अपने नाश्ते (Breakfast) में खाते हैं और इसमें भी मिलावट के मामले सामने आ रहे हैं। मिलावटखोर पोहा में ऐसे मिलावट करते हैं, जिससे पता नहीं चलता है कि पोहा असली है या नकली। असली या नकली के साथ ही ये जहरीला भी हो सकता है, जिससे जान भी जा सकती है। ऐसे में आज हम आपको बताते हैं कि मिलावटखोर में इसमें क्या-क्यामिला रहे हैं।
पोहा में हो रहा है नील और व्हाइटर का इस्तेमाल
जब कभी भी आप बाजार या फिर ऑनलाइन से पोहा खरीदें तो सबसे पहले ये देखें कि पोहा ज्यादा सफेद होने के साथ चमकदार तो नहीं नजर आ रहा है। अगर आपको ऐसा दिखे तो आप उस पोहा से दूर रहें, उसे अपने लिए ना खरीदें। दरअसल पोहा को ज्यादा सफेद और चमकदार बनाने के लिए मिलावटखोर इसमें नील और व्हाइटर का इस्तेमाल कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश के जबलपुर में आया था पोहा में मिलावट का मामला
कुछ साल पहले मध्य प्रदेश के जबलपुर में भी इस तरह का मामला सामने आया था, जहां सैंपलिंग के दौरान इस बात का पता चला था कि पोहा में इसी तरह की मिलावटखोरी की बात सामने आई थी। पोहा में नील और व्हाइटर का इस्तेमाल होने से ये जहरीला हो जाता है, जिसे खाने से जान भी जा सकती है।
अगर आपको नकली पोहा से बचना है तो हमेशा किसी बड़ी दुकान, या फिर ऑनलाइन में भरोसे वाली वेबसाइट से ही पोहा खरीदें। लेकिन याद रहें कि कहीं से भी पोहा खरीदने पर आप उसकी अच्छे से जांच की जरूर करें। साथ ही याद रहे कि मिलावटखोरी की इस दुनिया में किसी का कोई भरोसा नहीं है।
पोहा खाने से आप दिन भर तरोताजा रहते हैं और ये आपके पाचन तंत्र को अच्छा रखता है, क्योंकि ये हल्का भोजन है। पोहा आयरन, पोटेशियम, विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन डी समेत 11 महत्वपूर्ण खनिजों और विटामिनों से भरा होता है, जो इसे एक पौष्टिक नाश्ता बनाता है।
