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क्या मौजूदा हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी बदली जा सकती है? जान लें जरूरी नियम

Health Insurance Policy Change Rules: हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी आपको मेडिकल खर्चों से बचाने का काम करती है। प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के भारी खर्चों को देखते हुए, यह पॉलिसी खासकर प्राइवेट नौकरी करने वाले लोगों के लिए जरूरी हो गई है। यहां हम हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को बदलने के नियम बता रहे हैं।

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Health Insurance Policy (image-istock)

Health Insurance Policy Change Rules: आज के समय में प्राइवेट अस्पतालों में इलाज बहुत महंगा हो गया है। इस खर्च से बचने के लिए ज्यादातर लोग हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेते हैं। लेकिन अगर किसी दूसरी कंपनी की पॉलिसी बेहतर सुविधाएं और कम प्रीमियम पर मिल रही हो, तो क्या आप अपनी मौजूदा पॉलिसी बदल सकते हैं? इसका जवाब है – हां! आप अपनी मौजूदा पॉलिसी को स्विच (या पोर्ट) कर सकते हैं। आइए समझते हैं इसे आसान तरीके से।

हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी क्यों जरूरी है?

सबसे पहले ये जान लेना जरूरी है कि हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी आपके लिए क्यों जरूरी है। हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी आपको मेडिकल खर्चों से बचाने का काम करती है। प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के भारी खर्चों को देखते हुए, यह पॉलिसी खासकर प्राइवेट नौकरी करने वाले लोगों के लिए जरूरी हो गई है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि दूसरी कंपनी ज्यादा फायदे और सुविधाएं देने लगती है। ऐसे में अपनी पॉलिसी को दूसरी कंपनी में ट्रांसफर करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

हेल्थ इंश्योरेंस पोर्ट कैसे करें?

अगर आप अपनी मौजूदा पॉलिसी को किसी दूसरी कंपनी में ट्रांसफर करना चाहते हैं, तो इसे पोर्ट करना कहते हैं। इसके लिए कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने होते हैं।

पहले से सूचित करें: मौजूदा पॉलिसी की रिन्यूअल डेट से कम से कम 45 दिन पहले अपनी बीमा कंपनी को बताना जरूरी है कि आप पॉलिसी पोर्ट करना चाहते हैं।

जरूरी फॉर्म भरें: पोर्टेबिलिटी फॉर्म और प्रपोजल फॉर्म भरकर नई कंपनी को सबमिट करें।

डिटेल्स की जांच: नई बीमा कंपनी आपकी पुरानी पॉलिसी की जानकारी IRDA (बीमा नियामक संस्था) की वेबसाइट से लेगी या मौजूदा कंपनी से डिटेल्स मांगेगी।

नई पॉलिसी लागू होगी: जब नई कंपनी आवेदन को मंजूर कर लेगी, तो आपकी पॉलिसी ट्रांसफर हो जाएगी, और आप नई पॉलिसी का फायदा उठा सकेंगे।

क्या पोर्ट करने में चार्ज लगता है?

  • हेल्थ इंश्योरेंस पोर्ट करने के लिए कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगता। बस आपको नई कंपनी के फॉर्म और डिटेल्स जमा करनी होती हैं।
  • कितना लगेगा समय: पुरानी पॉलिसी में जितना वेटिंग पीरियड (waiting period) पूरा हो चुका है, वह नई पॉलिसी में भी मान्य होगा।
  • जीरो क्लेम का फायदा: अगर आपने पुरानी पॉलिसी में कोई क्लेम नहीं किया है, तो इसका फायदा नई पॉलिसी में भी मिलेगा।
  • क्लेम लिमिट बढ़ सकती है: नई पॉलिसी में आपकी बीमा कवरेज बढ़ाई जा सकती है।

हेल्थ इंश्योरेंस पोर्ट करने के फायदे

  • नई पॉलिसी में बेहतर सुविधाएं मिल सकती हैं।
  • पुरानी पॉलिसी का वेटिंग टाइम और क्लेम हिस्ट्री नई पॉलिसी में जारी रहती है।
  • बिना कोई चार्ज दिए आप बेहतर कवरेज पा सकते हैं।
  • अगर आप दूसरी कंपनी की बेहतर पॉलिसी लेना चाहते हैं, तो हेल्थ इंश्योरेंस पोर्ट करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। बस समय पर जानकारी दें और फॉर्म जमा करें।
Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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