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PMGKY: सरकार अक्टूबर से बढ़ाएगी PMGKY के तहत गेहूं का आवंटन, पर्याप्त है उपलब्धता

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Sep 18, 2024, 04:55 PM IST

PMGKY: खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने नरेन्द्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की 100 दिन की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मंत्रियों की एक समिति ने पीएमजीकेएवाई के तहत अतिरिक्त 35 लाख टन गेहूं के लिए मंजूरी दी है। योजना के तहत गेहूं-चावल अनुपात को बहाल करने का प्रयास किया जा सकेगा।

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PMGKY: सरकार ने गेहूं की कीमतों को स्थिर करने के प्रयास के तहत बुधवार को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKY) के लाभार्थियों को अक्टूबर से गेहूं का आवंटन बढ़ाने की घोषणा की। खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने नरेन्द्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की 100 दिन की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मंत्रियों की एक समिति ने पीएमजीकेएवाई के तहत अतिरिक्त 35 लाख टन गेहूं के लिए मंजूरी दी है।

कब तक जारी रहेगा

उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह बढ़ा हुआ आवंटन मार्च, 2025 तक जारी रहेगा। इससे संभवतः योजना के तहत गेहूं-चावल अनुपात को बहाल करने का प्रयास किया जा सकेगा। यह पूछे जाने पर कि क्या इस बढ़ी हुई मात्रा से गेहूं-चावल का अनुपात बहाल हो जाएगा, सचिव ने कहा कि यह अब भी सामान्य मात्रा से 10-20 लाख टन कम होगा। उन्होंने कहा कि भविष्य के घटनाक्रमों के आधार पर आवंटन की समीक्षा की जा सकती है।

गेहूं की उपलब्धता पर्याप्त

सरकार ने कम घरेलू उत्पादन से आपूर्ति घटने के कारण मई, 2022 में पीएमजीकेएवाई के तहत गेहूं का आवंटन 1.82 करोड़ टन से घटाकर 71 लाख टन करते हुए चावल का आवंटन बढ़ा दिया था। चोपड़ा ने पिछले साल के 11.29 करोड़ टन के बंपर उत्पादन का हवाला देते हुए कहा है कि फिलहाल गेहूं की उपलब्धता ‘पर्याप्त’ है। उन्होंने कहा कि उद्योग के अनुमानों के अनुसार भी यह पिछले वर्ष की तुलना में कम से कम 40-50 लाख टन अधिक है। पिछले वर्ष वास्तविक उत्पादन 11.29 करोड़ टन था, जबकि सरकारी खरीद 2.66 करोड़ टन थी।

बाजार की चिंताओं के बारे में चोपड़ा ने कहा कि गेहूं और गेहूं उत्पादों की कीमतों में स्थिरता को देखते हुए मुक्त बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत गेहूं बेचने की तत्काल कोई योजना नहीं है। हालांकि, उन्होंने भविष्य में ओएमएसएस की बिक्री से इनकार नहीं किया। (इनपुट-भाषा)

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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