यूटिलिटी

EPFO ने बदले नियम: नौकरी छूटने पर तुरंत नहीं निकाल सकेंगे PF का पूरा पैसा, बढ़ाई गई समय-सीमा

EPF EPS Withdrawal Rules: अब कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के बेरोजगार सदस्यों के लिए निकासी नियमों में बदलाव किया गया है। आइए जानते हैं अपनी भविष्य निधि (EPF) की पूरी राशि बेरोजगार होने के बाद कितने दिन में निकाल सकेंगे। पेंशन खाते की राशि कितने दिन में निकाल सकेंगे। वर्तमान में यह सीमा केवल 2 महीने की थी।

Image

ईपीएफओ का बड़ा फैसला: दो नहीं अब 12 महीने बाद निकाल सकेंगे पूरी पीएफ राशि (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

EPF EPS Withdrawal Rules: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सदस्यों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। अब बेरोजगार सदस्य अपनी भविष्य निधि (EPF) और पेंशन खाते (EPS) से पूरी राशि की निकासी पहले की तुलना में अधिक समय बाद कर सकेंगे। यह निर्णय ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी मंडल (CBT) की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने की।

निकासी की नई समय-सीमा

अब EPFO के सदस्य भविष्य निधि से पूरी निकासी 12 महीने की बेरोजगारी के बाद ही कर सकेंगे, जबकि पहले यह समय-सीमा मात्र 2 महीने थी। इसी प्रकार, पेंशन खाते से पूरी निकासी की समय-सीमा को 2 महीने से बढ़ाकर 36 महीने कर दिया गया है। यह कदम औपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों को दी जाने वाली सामाजिक सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में उठाया गया है।

पेंशन पात्रता को लेकर चिंता

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अधिकांश युवा बेरोजगारी के दौरान जल्दबाजी में अपनी संपूर्ण राशि निकाल लेते हैं। बाद में जब वे पुनः कार्यरत होते हैं, तो पेंशन की पात्रता के लिए आवश्यक 10 साल की न्यूनतम सेवा अवधि पूरी नहीं कर पाते। इस बदलाव का मकसद सदस्यों को उनकी पेंशन पात्रता और भविष्य की बचत से वंचित होने से बचाना है।

आंशिक निकासी को लेकर राहत

जहां पूरी राशि की निकासी की समय-सीमा को बढ़ा दिया गया है, वहीं आंशिक निकासी के नियमों को आसान बनाया गया है। अब सदस्य अपनी आवश्यकता अनुसार 100 प्रतिशत तक की आंशिक निकासी कर सकते हैं। हालांकि, यह प्रावधान रखा गया है कि सदस्य को अपने योगदान का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा शेष रखना होगा।

रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित बचत

मंत्रालय का कहना है कि यह कदम सदस्यों को न केवल तत्काल वित्तीय जरूरतों को पूरा करने की सुविधा देगा, बल्कि लंबी अवधि में उच्च ब्याज दर और चक्रवृद्धि लाभ का फायदा भी सुनिश्चित करेगा। इससे सेवानिवृत्ति के समय उनके पास एक सुरक्षित और बड़ी बचत राशि उपलब्ध होगी। यह बदलाव ईपीएफओ सदस्यों के हित में लिया गया एक दूरदर्शी निर्णय है, जो उन्हें अल्पकालिक जरूरतों और लॉन्ग टर्म सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

End of Article