EPF Withdrawal Rules: प्राइवेट सेक्टर में जॉब करने वाले लोगों की सैलरी की का एक हिस्सा हर महीने पीएफ फंड में जमा होता है। पीएफ के खाते को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) संचालित करती है। किसी भी कर्मचारी की सैलरी के बेसिक पे से 12 फीसदी की कटौती होती है। एम्प्लॉयर की तरफ से एम्पलाई की सैलरी में की गई कटौती का 8.33 फीसदी ईपीएस (एम्पलॉय पेंशन स्कीम) में जमा होती है। वहीं, 3.67 फीसदी हिस्सा ईपीएफ में जमा होता है। आप जरूरत पड़ने पर पीएफ खाते से नियमों के अनुसार पैसों की निकासी आसानी से कर सकते हैं। लेकिन एक बार में आप पीएफ खाते से कितनी रकम की निकासी कर सकते हैं।
कब और कितनी निकासी कर सकते हैं?
सरकार जमा रकम पर सालाना आधार पर मौजूदा समय में 8.15 फीसदी की दर से ब्याज दे रही है। ईपीएफओ में कर्मचारियों के भविष्य की बचत के लिए पैसे जमा होते। अगर आपको बीच में पैसे की जरूरत पड़ती है, तो आप अपने पीएफ खाते से पैसे की निकासी कर सकते हैं।
अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य हॉस्पिटल में एडमिट है, तो आप मेडिकल इमरजेंसी के दौरान अपने खाते से एक लाख रुपये तक की राशि आसानी से निकाल सकते हैं। पहले यह लिमिट 50,000 रुपये थी। 16 अप्रैल को हुए बदलाव के बाद से इसे बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया है।
अगर पीएफ खाताधारक की जॉब चली जाती है, तो वो पैसे की निकासी कर सकता है। एक महीना से अधिरक समय तक बेरोजगार रहने पर पीएफ खाते से पैसे की निकासी की अनुमति है। खाताधारक कुल जमा से 75 फीसदी की राशि निकाल सकता है।
शादी के लिए निकासी
EPFO के अनुसार, सदस्य अपनी शादी के लिए पीएफ से एडवांस निकासी कर सकता है। इसके अलावा वो अपने बेटे और बेटी की शादी के लिए भी एडवांस पैसे पीएफ खाते से निकाल सकता है। EPFO के अनुसार, जमा राशि का 50 फीसदी हिस्सा निकाला जा सकता है। लेकिन पीएफ खाताधारक की सदस्यता सात साल होनी चाहिए।
