यूटिलिटी

डिजिटल इंडिया का नया रिकॉर्ड: अब एक क्लिक पर मिलेगी 2,000 सरकारी सेवाओं की सुविधा

डिजिलॉकर अंतर-संचालनीयता, डेटा सुरक्षा और बहु-हितधारक समन्वय की चुनौतियों का सफलतापूर्वक समाधान करने के माध्‍यम से भारत के डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना एक मजबूत स्तंभ के रूप में उभरा है।

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Digital India (Image-istock)

राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (एनईजीडी) ने डिजिलॉकर और ई-डिस्ट्रिक्ट प्लेटफॉर्म पर ई-गवर्नेंस सेवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत करके एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अर्जित की है। इस उपलब्धि के साथ, सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नागरिक अब कहीं भी, कभी भी लगभग 2,000 डिजिटल सेवाओं का निर्बाध उपयोग कर सकते हैं। यह जानकारी इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) की ओर से रविवार को दी गई।

न्यूज एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, मंत्रालय ने बयान में कहा कि एकीकृत सेवाएं प्रमाणपत्र, कल्याणकारी योजनाओं, सुविधा केंद्र भुगतानों और अन्य आवश्यक सुविधाओं सहित नागरिकों की व्यापक आवश्यकताओं को पूरा करती हैं, जिससे वितरण में सुविधा, दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। यह प्रगति डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के विजन को साकार करने, कागज रहित और गतिशील शासन को बढ़ावा देने तथा सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में प्रत्यक्ष योगदान देने की दिशा में एक बड़ी छलांग है।

डिजिलॉकर अंतर-संचालनीयता, डेटा सुरक्षा और बहु-हितधारक समन्वय की चुनौतियों का सफलतापूर्वक समाधान करने के माध्‍यम से भारत के डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना एक मजबूत स्तंभ के रूप में उभरा है। इसके इनोवेटिव और सुदृढ़ ढांचे ने पहुंच में सुगमता, समावेशिता और विश्वसनीयता को संभव बनाया है और देश भर के नागरिकों को विश्वसनीय डिजिटल सेवाओं से सशक्त बनाया है।

इस विस्तार के साथ, महाराष्ट्र में नागरिकों को अब सबसे अधिक 254 सेवाओं तक पहुंच प्राप्त हुई है, उसके बाद दिल्ली में 123, कर्नाटक में 113, असम में 102 और उत्तर प्रदेश में 86 सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्‍त, केरल और जम्मू-कश्मीर प्रत्येक 77 सेवाएं प्रदान करते हैं, जबकि आंध्र प्रदेश 76 और गुजरात 64 सेवाएं प्रदान करता है। इसी प्रकार, तमिलनाडु और गोवा प्रत्येक 63 सेवाएं प्रदान करते हैं, जबकि हरियाणा 60 और हिमाचल प्रदेश 58 सेवाएं प्रदान करता है। कुल मिलाकर, वर्तमान में देश भर में नागरिकों के लिए 1,938 सेवाएं उपलब्ध हैं।

इस सफलता के आधार पर, एनईजीडी की योजना एआई-संचालित दृष्टिकोण के माध्यम से उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाकर ई-सरकारी सेवाओं के पोर्टफोलियो का और विस्तार करने की है। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल रूप से सक्षम और समावेशी भारत के विजन के अनुरूप नागरिकों को सशक्त बनाने और शासन में परिवर्तन लाने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

इनपुट-आईएएनएस

Vishal Maithil
Vishal Mathel author

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, ग... और देखें

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