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1 तारीख से बदल रहा है डेबिट-क्रेडिट कार्ड से पेमेंट का तरीका, जानें सभी सवालों के जवाब

  • Agency by: Agency
  • Updated Sep 29, 2022, 05:34 PM IST

Card Tokenization: 1 अक्टूबर 2022 से देश में कार्ड टोकनाइजेशन का नियम लागू हो रहा है। ग्राहकों को कार्ड टोकनाइजेशन का लाभ उठाने के लिए किसी अतिरिक्त शुल्क का भुगतान नहीं करना होगा।

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Card Tokenization: 1 तारीख से बदल जाएगा डेबिट-क्रेडिट कार्ड से पेमेंट का तरीका

Photo : iStock

नई दिल्ली। बैंक ग्राहकों को वित्तीय धोखाधड़ी से बचाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डेबिट और क्रेडिट कार्ड के जरिए ऑनलाइन पेमेंट के नए नियमों के बारे में बताया था, जो अगले महीने यानी 1 अक्टूबर 2022 से लागू होंगे। अगर आप भी पेमेंट के लिए कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके काम की है क्योंकि इस नियम से ऑनलाइन पेमेंट का तरीका बदल जाएगा।

क्या है कार्ड टोकनाइजेशन? (What is Card Tokenization)

आरबीआई के अनुसार, टोकननाइजेशन वास्तविक कार्ड की जानकारी को 'टोकन' नामक एक वैकल्पिक कोड के साथ बदलेगा। यह टोकन अद्वितीय होगा। यह टोकन ग्राहक के कार्ड डेटा का प्रतिनिधित्व करता है, जो व्यापारी के पेमेंट सिस्टम में सेव किया जाता है और लेनदेन को संसाधित करता है।

क्यों लागू हो रहा है कार्ड टोकनाइजेशन?

क्रेडिट (Credit Card) और डेबिट कार्ड (Debit Card) की जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए आरबीआई इस नियम को लागू कर रहा है। इससे ऑनलाइन फ्रॉड के मामले कम होंगे। दरअसल कोरोना वायरस महामारी के दौरान ज्यादा से ज्यादा लोगों ने पेमेंट के लिए ऑनलाइन तरीका अपनाया था, जिससे फ्रॉड के मामले भी बढ़ गए। ऐसे में कार्ड टोकनाइजेशन धोखाधड़ी को रोकने में कदद करेगा।

कब से लागू होगा नियम?

इस साल जून के अंत में भारतीय रिजर्व बैंक ने डेबिट और क्रेडिट कार्ड टोकनाइजेशन की समय सीमा को तीन महीने बढ़ाकर 1 अक्टूबर 2022 कर दिया था। जबकि पहले यह नियम 1 जुलाई से लागू हो रहा था। ज्यादातर बड़े व्यापारियों ने पहले ही आरबीआई के CoF टोकन मानदंडों का अनुपालन कर लिया है।

नए नियम में क्या होगा बदलाव?

इस नियम से अब मर्चेंट और पेमेंट गेटवे कंपनी कार्ड पेमेंट के समय आपके कार्ड का डेटा अपने पास सेव नहीं कर पाएंगी। इसके बजाय, उनके पास सेव किए गए टोकन की जानकारी होगी। पहले आपके डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी, जैसे कि 16-डिजिट नंबर, नाम, एक्सपायरी डेट, आदि जो फ्यूचर के पेमेंट के लिए सेव कर ली जाती थी। अब इन्हें एक टोकन से रिप्लेस किया जाएगा। यानी ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के लिए अब आपको व्यापारी की वेबसाइट द्वारा टोकन का इस्तेमाल करना होगा।

टोकनाइजेशन से कैसे होगा पेमेंट?

कार्ड धारक टोकन अनुरोधकर्ता द्वारा प्रदान किए गए ऐप पर एक रिक्वेस्ट करके कार्ड का टोकन प्राप्त कर सकता है। टोकन अनुरोधकर्ता कार्ड नेटवर्क को रिक्वेस्ट फॉर्वर्ड करेगा, जो कार्ड जारीकर्ता की सहमति से कार्ड, टोकन अनुरोधकर्ता और डिवाइस के कॉम्बेनिशन के अनुरूप टोकन जारी करेगा।

किन उपकरणों से एनेबल किया जा सकता है टोकनाइजेशन?

मोबाइल फोन, टैबलेट, लैपटॉप, डेस्कटॉप, वियरेबल्स (कलाई की घड़ियां, बैंड आदि), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) डिवाइस आदि जैसे उपभोक्ता उपकरणों पर टोकन की सुविधा उपलब्ध है।

डिंपल अलावाधी
डिंपल अलावाधीauthor

बिजनेस डेस्क पर कार्यरत डिंपल अलावाधी की कारोबार के विषयों पर अच्छी पकड़ है। पत्रकारिता में 5 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाली डिंपल की व्यापार में खास रुचि है। पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार और बैंकिंग सेक्टर के मामलों में विशेष दिलचस्पी है।

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