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Digital Loans: तेजी से लोगों के बीच पॉपुलर हो रहे डिजिटल लोन से धोखाधड़ी का खतरा, हमेशा रहें सावधान

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jul 17, 2024, 03:09 PM IST

Digital Loans: डिजिटल लोन पूरी तरह से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या मोबाइल ऐप के जरिए प्रोसेस और दिए जाते हैं, जिससे किसी भी तरह की कागजी कार्रवाई या आमने-सामने बातचीत की जरूरत नहीं होती है। डिजिटल लोन के कुछ अहम नुकसान भी हैं, जिनके बारे में जानना जरूरी है।

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Digital Loans

Photo : iStock

Digital Loans: हमारी जेब में रखा मोबाइल फोन एक ऐसी डिवाइस है, जो लगभग हर एक चीज को हम तक पहुंचाने के लिए काफी है। ऐसी ही एक चीज है डिजिटल लोन, जो FY24 में सभी रिटेल लोन का लगभग 2.5 फीसदी रहा। रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स की एक हालिया रिपोर्ट कहती है कि FY28 तक यह 5 फीसदी तक बढ़ सकता है। डिजिटल लोन पूरी तरह से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या मोबाइल ऐप के जरिए प्रोसेस और दिए जाते हैं, जिससे किसी भी तरह की कागजी कार्रवाई या आमने-सामने बातचीत की जरूरत नहीं होती। फास्ट अप्रूवल डिजिटल लोन के बढ़ते दायरे का अहम फैक्टर है। हालांकि, डिजिटल लोन के कुछ अहम नुकसान भी हैं, जिनके बारे में जानना जरूरी है।

लोन देने का तरीका

डिजिटल लोन देने वाले ऐप अक्सर ऐसे व्यक्तियों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जिन्हें जल्दी पैसा चाहिए होता है या फिर जिनकी पहुंच पारंपरिक बैंकिंग सर्विस तक सीमित होती है। उनमें से कुछ के पास बुनियादी वित्तीय जागरूकता या साक्षरता भी नहीं होती है। ऐसे लोग डिजिटल लोन के चुंगल में कई बार बुरी तरह फंस जाते हैं।

लोन पैसों की जल्दीबाजी में किसी भी सोर्स से लोन के लिए हामी भर देते हैं। कई बार वो इस चीज की परवाह नहीं करते कि लोन की ब्याज दरें सामान्य से काफी अधिक हैं और साथ ही उनके कर्ज पर हिडन चार्ज भी लगाए हैं। फिर जब लोन चुकाने की बारी आती है, तो अधिक ब्याज दर और अतिरिक्त चार्ज मुसीबत बन जाते हैं और लोग कर्ज के जाल में फंस जाते हैं। इसके अलावा आपका पर्सनल डेटा भी लोन देने वाले के पास होता है।

डिजिटल लोन के प्रोसेस में पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। कुछ ऐप्स पर महत्वपूर्ण जानकारी को बारीक प्रिंट में रखने का भी आरोप लगाया गया है जो अक्सर आवेदक के ध्यान से बच जाता है। इस तरह की शर्तें रीपेमेंट के समय उधारकर्ता को हैरान कर देती हैं।

नकली ऐप्स से सावधान रहें।

लोन ऑफर करने वाले नकली ऐप्स से सावधान रहने की जरूरत है। ये लोन देने वाले किसी प्लेटफॉर्म की नकल कर सकते हैं। विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि किसी भी कर्ज के लिए आवेदन करने से पहले इनकी प्रामाणिकता सत्यापित की जानी चाहिए। किसी को उनकी वेबसाइट पर जाकर उसकी जांच करनी चाहिए। देखना चाहिए कि वेबसाइट का यूआरएल https से शुरू होता है या नहीं। यह सुरक्षा को दर्शाता है क्योंकि डेटा एन्क्रिप्टेड है।

क्रेडिट स्कोर को सुरक्षित रखें

याद रखें कि अंधाधुंध उधार लेना और चुकाने में विफल होना आपके क्रेडिट स्कोर को नुकसान पहुंचाएगा। एक बार क्रेडिट स्कोर खराब हो जाने पर, जब आपको फ्लैट या कार खरीदने या यहां तक कि तत्काल हेल्थ संबंधित समस्या के लिए लोन के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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