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UPPCL की चेतावनी, एक्सटेंशन बोर्ड में गलत प्लग से लग सकती है आग; आप भूलकर भी न करें ये लापरवाही

क्या आप भी एक ही एक्सटेंशन बोर्ड में कई प्लग लगाते हैं अगर हां तो UPPCL की ये चेतावनी आपके लिए है। एक बोर्ड में कई प्लग लगाने से आपका घर राख बन सकता है आइए जानते हैं कैसे?

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UPPCL Advisory

बढ़ती गर्मी और बिजली से लगने वाली आग के हादसों को देखते हुए UPPCL ने लोगों को जागरूक करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बिजली विभाग का कहना है कि लोग अक्सर एक ही एक्सटेंशन बॉक्स के सभी सॉकेट्स में प्लग खोंस देते हैं। उन्हें लगता है कि अगर बोर्ड में 4 या 5 पॉइंट दिए गए हैं, तो वे उन सभी में एक साथ भारी उपकरण चला सकते हैं। लेकिन यह सोचना पूरी तरह गलत है। हर एक्सटेंशन बोर्ड की अपनी एक निश्चित 'करंट ले जाने की क्षमता' (Ampere Rating) होती है। जब आप उस क्षमता से अधिक लोड देते हैं, तो इसे 'ओवरलोडिंग' कहा जाता है। ओवरलोड होने पर एक्सटेंशन बोर्ड के अंदर के तार अत्यधिक गर्म होने लगते हैं, जिससे प्लास्टिक बॉडी पिघल जाती है और चिंगारी निकलने से पल भर में आग लग जाती है।

एक्सटेंशन बोर्ड में कितने प्लग लगाना है पूरी तरह सुरक्षित?

विज्ञान और सुरक्षा के नियमों के अनुसार, किसी भी सामान्य एक्सटेंशन बोर्ड में उसकी कुल क्षमता का केवल 70 से 80 प्रतिशत लोड ही डालना चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि आपके पास 5 सॉकेट वाला कोई सामान्य बोर्ड है, तो उसमें एक साथ केवल 2 या 3 हल्के उपकरणों (जैसे मोबाइल चार्जर, मॉस्किटो रिपेलेंट या कम वॉट की एलईडी लाइट) को ही प्लग-इन करना सुरक्षित माना जाता है। सभी 5 पॉइंट का एक साथ इस्तेमाल करने से बोर्ड पर अचानक लोड बढ़ जाता है। इसके अलावा, कभी भी एक एक्सटेंशन बोर्ड के ऊपर दूसरा एक्सटेंशन बोर्ड (Daisy Chaining) नहीं जोड़ना चाहिए। ऐसा करने से मुख्य प्लग पर दबाव कई गुना बढ़ जाता है और शॉर्ट-सर्किट का खतरा पैदा हो जाता है।

भूलकर भी न चलाएं ये 'हैवी' बिजली उपकरण

UPPCL ने साफ तौर पर कहा है कि कुछ भारी उपकरण (Heavy Appliances) ऐसे होते हैं जिन्हें कभी भी एक्सटेंशन बोर्ड के सहारे नहीं चलाया जाना चाहिए। इनमें मुख्य रूप से एयर कंडीशनर (AC), रूम हीटर, रेफ्रिजरेटर (Fridge), वॉशिंग मशीन, गीजर, माइक्रोवेव ओवन, इलेक्ट्रिक प्रेस (Iron) और इंडक्शन चूल्हा शामिल हैं। इन सभी उपकरणों को बहुत ज्यादा बिजली (High Wattage) की जरूरत होती है। इनके लिए घर की दीवारों में लगे मजबूत पावर प्लग (16 Ampere) का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। यदि आप इन्हें पतले तार वाले एक्सटेंशन बोर्ड से जोड़ेंगे, तो वह लोड बर्दाश्त नहीं कर पाएगा और कुछ ही मिनटों में जल जाएगा।

हादसों से बचने के लिए इन जरूरी बातों का रखें ध्यान

  • लोकल या सस्ते बोर्ड खरीदने से बचें: कभी भी फुटपाथ या लोकल बाजार से बिना ब्रांड वाले सस्ते एक्सटेंशन बोर्ड न खरीदें। इनमें बहुत ही घटिया क्वालिटी के एल्युमिनियम या पतले तांबे के तारों का इस्तेमाल होता है। हमेशा आईएसआई (ISI) मार्क वाले और अच्छे ब्रांड के ही एक्सटेंशन बॉक्स खरीदें।
  • ढीले प्लग (Loose Connection) हैं खतरनाक: अगर एक्सटेंशन बोर्ड का सॉकेट ढीला हो गया है और प्लग लगाने पर स्पार्किंग (चिंगारी) होती है, तो उसे तुरंत बदल दें। ढीला कनेक्शन बिजली के हादसों की सबसे बड़ी वजह बनता है।
  • तारों को कारपेट या गद्दे के नीचे न छुपाएं: अक्सर लोग सुंदरता के चक्कर में एक्सटेंशन बोर्ड के लंबे तारों को कालीन, गद्दे या सोफे के नीचे छिपा देते हैं। ऐसा करने से तारों से निकलने वाली गर्मी बाहर नहीं आ पाती और अंदर ही अंदर सुलगने से आग लगने का डर रहता है।
  • समय-समय पर करें जांच: यदि छूने पर एक्सटेंशन बोर्ड का तार या प्लग असामान्य रूप से गर्म महसूस हो, या उसमें से प्लास्टिक जलने की हल्की सी भी गंध आए, तो तुरंत मेन स्विच बंद कर दें और उस बोर्ड का इस्तेमाल बंद कर दें।
Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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