अखबार के पन्नों पर पोहा, जलेबी, सामोसा, चाट परोसने पर लगी रोक, उल्लंघन पर जुर्माना और जेल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 6, 2022, 05:07 PM IST

अखबार के पन्नों पर सोमोसा, पोहा, जलेबी समेत अन्य खाने के सामान परोसने पर रोक लगी। मध्य प्रदेश के खाद्य सुरक्षा विभाग ने कहा कि इसके लिए स्ट्रीट वेंडर्स को जागरूक किया जाएगा। इसके बाद भी इस्तेमाल करने पर जुर्माना के साथ जेल भी हो सकती है।

अखबार के पन्नों पर पोहा, जलेबी, सामोसा, चाट परोसने पर लगी रोक, उल्लंघन पर जुर्माना और जेल

भोपाल: मध्य प्रदेश के शहरों में सुबह-सुबह सड़क किनारे स्ट्रीट वेंडर्स के पास नास्ता करने जाते हैं तो आपको अक्सर अखबार के टुकरों पर पोहा, जलेबी, कचौड़ी,  समोसा, चाट और खाने वाले अन्य सूखी सामग्री परोसी जाती है लेकिन अब अखबार के पन्नों पर नहीं परोसे जाएंगे। यह आदेश खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने जारी किया है। अखबार या कागज पर खाने वाली सामग्री परोसे पर रोक लगा दी गई है।

पत्रिका की खबर के मुताबिक अधिकारियों ने सोमवार को यह आदेश जारी करते हुए कहा कि अखबारों पर खाने की सामग्री नहीं परोसने के लिए एक हफ्ते तक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। दुकानदारों को जागरुक किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के तहत दुकानदारों से शपथ पत्र भी लिए जाएंगे। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र दुबे ने बताया कि इस अभियान से आम लोगों की सेहत को बेहतर करने में फायदा मिलेगा। न्यूज पेपर के इस्तेमाल पर रोक लगेगी। स्ट्रीट वेंडर्स इसका इस्तेमाल करते आ रहे हैं।

उल्लंघन पर हो सकते हैं जुर्माना और जेल
अखबार में खानपान की चीजों को परोसने या लपेटने या पैक करके बेचने पर जेल हो सकती है। इसके साथ ही जुर्माना भी लगाया जाएगा।  अखबार के इस्तेमाल पर रोक की वजह
गौर है कि भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने खाने के सामानों को रखने के लिए अखबार के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। अखबार की स्याही  सेहत के लिए नुकसानदायक होती है। अखबार की स्याही में रसायन और मिनरल आयल समेत कई तरह के हानिकारक तत्व होते हैं। ये सेहत के लिए काफी खतरनाक होते हैं।

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